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Lakhimpur Kheri News: दस साल बाद भी लखनऊ से मैलानी होकर बरेली के लिए नहीं चलीं ट्रेनें

Fri, 14 Nov 2025 11:20 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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मैलानी-पीलीभीत उद्घाटन ट्रेनफाइल फोटो - फोटो : चंदरखा बुजुर्ग में अधूरा पड़ा आयुर्वेदिक चिकित्सालय।
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मैलानी। आमान परिवर्तन के बाद लखनऊ से लखीमपुर, मैलानी होते हुए सीधे बरेली तक ट्रेनों का संचालन दस साल बाद भी नहीं शुरू हो सका। इससे जिले के लोगों को बड़ी लाइन फायदे के बजाय नुकसानदेह साबित हो रही है, क्योंकि मीटरगेज के दौर में इन रूट पर कई ट्रेनें चला करती थीं।
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लखनऊ-पीलीभीत रेलखंड के आमान परिवर्तन के लिए कार्यदायी संस्था रेल विकास निगम लिमिटेड ने 2015 में सीतापुर-लखनऊ का मेगा ब्लॉक लिया था। इसके बाद सीतापुर-लखीमपुर, लखीमपुर-मैलानी खंड का काम पूरा हुआ। तीस मई, 2018 को मैलानी-पीलीभीत खंड का मेगा ब्लॉक लिया गया। आमान परिवर्तन होने के बाद मैलानी-लखनऊ के बीच ट्रेन संचालन का उद्घाटन 14 फरवरी, 2020 को हुआ था।
चार अप्रैल, 2023 से लखनऊ से बरेली होते हुए मालगाड़ियों को संचालन शुरू हुआ। नौ नवंबर, 2023 से मैलानी से पीलीभीत के बीच पैसेंजर ट्रेनें चलने लगीं, लेकिन अब तक लखनऊ से सीतापुर, लखीमपुर, मैलानी, पीलीभीत होते हुए बरेली तक सीधी ट्रेनें नहीं चलीं। लखीमपुर, गोला, मैलानी के अधिकांश लोगों का कारोबार के सिलसिले में बरेली थोक मंडी जाना होता है। मजबूरन लोग बसों से सफर करते हैं। बस में अधिक किराया खर्च होने के साथ ही धक्के खाने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ता है।
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लखनऊ से लखीमपुर, मैलानी होते हुए बरेली का नया रूट खुलने के बावजूद इस मार्ग पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान आदि की लंबी दूरी का ट्रेनें भी नहीं चल सकीं।
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निजी बस मालिक काट रहे चांदी
लखनऊ से लखीमपुर होते हुए बरेली तक ट्रेनें न चलने से निजी बस मालिकों की चांदी हो रही है। मीटरगेज के जमाने में पलिया, तिकुनिया, संपूर्णानगर और बहराइच ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राष्ट्र नेपाल तक के लोग मजदूरी करने के लिए मैलानी, बरेली होते हुए दिल्ली, पंजाब आदि को ट्रेन से ही जाते थे। निजी बस संचालकों ने पीलीभीत, बरेली ही नहीं, बल्कि दिल्ली, मुंबई, पंजाब, बंगलूरू और अन्य महानगरों तक एसी और स्लीपर बस सेवा शुरू कर दी है। इसमें भीड़ के चलते यात्रियों को पहले बुकिंग करवानी पड़ती है।
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व्यापार के सिलसिले में बरेली की थोक मंडी में अक्सर जाना होता है। बड़ी लाइन बनने के बाद उम्मीद थी कि बरेली ही नहीं, बल्कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान लंबी दूरी तक जाना आसान हो जाएगा। मैलानी से बरेली तक सीधे ट्रेन से जाने के लिए तरस रहे हैं।
कैलाश अग्रवाल, युवा किराना व्यापारी, मेन मार्केट, मैलानी
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मैलानी से पीलीभीत तक ट्रेनें व मालगाड़ियां लखनऊ से मैलानी होते हुए बरेली के रास्ते दूरदराज तक जाती हैं, लेकिन पैसेंजर ट्रेनें बरेली तक नहीं चलाई जा रही हैं। व्यापारियों, क्षेत्रवासियों की समस्या को देखते हुए रेलवे को मैलानी से सीधे बरेली तक ट्रेनें चलानी चाहिए।
पंडित राजेश शर्मा, अध्यक्ष उद्योग व्यापार मंडल, मैलानी

मैलानी-पीलीभीत उद्घाटन ट्रेनफाइल फोटो- फोटो : चंदरखा बुजुर्ग में अधूरा पड़ा आयुर्वेदिक चिकित्सालय।

मैलानी-पीलीभीत उद्घाटन ट्रेनफाइल फोटो- फोटो : चंदरखा बुजुर्ग में अधूरा पड़ा आयुर्वेदिक चिकित्सालय।

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