बिजुआ/धौरहरा। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बिजुआ क्षेत्र में बझेड़ा के पास कटान शुरू हो गई है। हालांकि, अभी आबादी वाले क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंचा है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
बिजुआ क्षेत्र में चार बाढ़ राहत केंद्र और तीन बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। एक मॉडल राहत केंद्र भी तैयार किया गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। सिंचाई विभाग की टीम भी तैनात है।
उधर, धौरहरा क्षेत्र में छह सौ से अधिक गांवों में पानी भर गया है। तेज हवाओं और लगातार बारिश से धान, केला, उड़द, मक्का और गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। कई गांवों में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है।
एसडीएम राशिकृष्ण और तहसीलदार आदित्य विशाल के अनुसार, फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। प्रभावित किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा और राहत किट देने की बात कही गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक लाख आबादी प्रभावित है। ग्रामीणों ने राहत सामग्री उपलब्ध कराने और फसल नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
बारिश-आंधी से केला फसल को नुकसान, सूचना मांगी
25 और 26 सितंबर को बारिश और तेज हवाओं से केला फसल को हुए नुकसान की सूचना उद्यान विभाग ने किसानों से मांगी है। किसानों से फसल क्षति की फोटो, आधार और खतौनी की प्रति उपलब्ध कराने को कहा गया है। किसान यह जानकारी व्हाट्सऐप से या जिला उद्यान कार्यालय में पहुंचकर दे सकते हैं। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
शारदा 24 सेंटीमीटर ऊपर, सुहेली का पानी भी बढ़ा
पलियाकलां। बारिश से क्षेत्र की नदियों में उफान आ गया है। दुधवा मार्ग पर बंसी नगर चौकी से रपटा पुल तक सुबह से बाढ़ का पानी बहने लगा। सुहेली नदी का पानी महिला थाने, डिग्री कॉलेज और कटनी पुलिया के आसपास तक पहुंच गया है। शारदा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। दोपहर तीन बजे जलस्तर 154.830 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 154.590 मीटर है। इस तरह शारदा नदी खतरे के निशान से करीब 24 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। एसडीएम पुष्पक तोमर ने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया है। बंसी नगर पुलिस चौकी की टीम मौके पर मुस्तैद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं। संवाद