प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन टैक्स का निर्धारण कर दिया है, जिसे वसूलने की जिम्मेदारी उपसंभागीय परिवहन विभाग को सौंपी गई है। अब 15 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके वाहनों के स्वामियों से पुन: पंजीयन के साथ ग्रीन टैक्स भी जमा कराया जाएगा। इस पर एआरटीओ (प्रशासन) श्वेता वर्मा ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
बता दें कि गैर व्यवसायिक वाहनों का वन टाइम टैक्स जमा किया जाता है, जो 15 साल तक वैध होता है। समयावधि बीतने के बाद नियमत: लोगों को पुन: पंजीकरण कराना होता है लेकिन अधिकांश लोग पुन: पंजीकरण नहीं कराते हैं। अब शासन ने सख्त रुख अपनाकर उपसंभागीय परिवहन विभाग को पुन: पंजीकरण में तेजी के साथ ही पूर्व में जमा किए गए वन टाइम टैक्स का 10 फीसदी शुल्क पर्यावरण संरक्षण के लिए वसूलने के निर्देश दिए हैं। एआरटीओ (प्रशासन) श्वेता वर्मा ने बताया कि ऐसे वाहनों की संख्या हजारों में हैं। मात्र कुछ आवेदन आए हैं, इन वाहनों पर पुन: पंजीयन शुल्क के साथ ही ग्रीन टैक्स भी लिया जा रहा है। विभाग ने इसके लिए बुध्ावार को एनाउंसमेंट कराकर पर्यावरण संरक्षण के लिए सहयोग करने की अपील भी की।