आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर संबंधित विभागों ने चुनाव पूर्व तैयारियां तेज कर दी हैं। पंचायतों के पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शासन ने वार्डों (प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र) के परिसीमन को हरी झंडी दे दी है। लिहाजा अब वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) का निर्धारण किया जाएगा। डीपीआरओ योगेंद्र कटियार ने ब्लाकों को आवश्यक दिशा-निर्देश के साथ समय सारिणी भेजने की कार्यवाही शुरू कर दी है। हालांकि खीरी की नवसृजित ग्राम पंचायतों की अधिसूचना निदेशालय की ओर से जारी नहीं की गई है।
बता दें कि पिछले वर्ष 2014 में ही पंचायतों के वार्डों के परिसीमन के आदेश जारी हुए थे, लेकिन पंचायतों के पुनर्गठन होने तक इसे स्थगित कर दिया गया था। हाल में ही पुनर्गठन की प्रक्रिया पूर्ण कराई जा चुकी हैै, जिसमें जनपद में 172 नई ग्राम पंचायतें सृजित हुई हैं। डीएम के अनुमोदन के बाद इनकी सूची निदेशालय भेजी जा चुकी है, लेकिन अभी अधिसूचना जारी नहीं हुई है। इस दौरान प्रमुख सचिव चंचल कुमार तिवारी ने पंचायतों के परिसीमन के संबंध में आदेश जारी कर दिया है, जिसमें डीलिमिटेशन कमीशन आफ इंडिया की ओर से लोकसभा/विधानसभा क्षेत्रों के लिए परिसीमन के निर्धारित सिद्धांतों के अनुसार समस्त प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए हैं। सबसे पहले ग्राम पंचायत क्षेत्र के वार्डों का परिसीमन होगा, जिसके बाद क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के क्षेत्रों का परिसीमन किया जाएगा। प्रत्येक पंचायत के परिसीमन के उपरांत मैप (नक्शा) भी तैयार किया जाएगा। कैंटोनमेंट बोर्ड, अधिसूचित औद्योगिक नगर और नगर निकायों का परिसीमन नहीं कराया जाएगा। जिला पंचायत क्षेत्र में नई कॉलोनी विकसित होने या नए निर्माण होने की दशा में उनके निवासियों को उसी पंचायत में शामिल किया जाएगा। एक परिवार के सभी सदस्यों को एक ही प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (वार्ड) में रखा जाएगा।
आबादी के आधार पर होगा वार्डों का परिसीमन
ग्राम पंचायत के वार्डों का परिसीमन नियमावली तीन में व्यवस्था के मुताबिक होगा। इसमें ग्राम पंचायत की जनसंख्या को उस पंचायत के निर्वाचित होने वाले सदस्यों की संख्या से विभाजित कर दिया जाएगा और शेषफल भाजक से आधे से कम न होने पर भागफल में एक जोड़ दिया जाएगा। शेषफल भाजक के आधे से कम होने की दशा में उसे छोड़ दिया जाएगा। क्षेत्र पंचायत के वार्डों का परिसीमन दो हजार की आबादी पर किया जाएगा। इसी तरह जिला पंचायत के वार्डों का परिसीमन 50 हजार की आबादी पर किया जाएगा।
तो बढ़ जाएंगी जिला पंचायत की सीटें
पुनर्गठन में जिले की ग्राम पंचायतों की संख्या 995 से बढ़कर 1167 हो गई है। लिहाजा अब वार्डों के परिसीमन से क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत की सीटें बढ़ना तय मानी जा रहीं हैं।
यह है कार्यक्रम
-ग्राम पंचायतवार जनसंख्या का अवधारण 12 से 25 फरवरी 2015 तक
-ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के वार्डों की प्रस्तावित सूची का प्रकाशन 26 फरवरी से 12 मार्च 2015 तक
-प्रस्तावित वार्डों पर आपत्तियां दर्ज कराने का समय 13 से 20 मार्च तक
-आपत्तियों का निस्तारण 21 से 27 मार्च 2015 तक
-वार्डों की अंतिम सूची का प्रकाशन 28 मार्च से तीन अप्रैल 2015 तक
जिला पंचायत राज अधिकारी योगेंद्र कटियार ने बताया कि नवसृृजित ग्राम पंचायतों समेत 1167 ग्राम पंचायतों के वार्डों का परिसीमन कराया जाएगा, जिसके लिए सभी ब्लाकों को निर्देश और कार्यक्रम जारी किया जा रहा है। समय सारिणी के मुताबिक सभी कार्य पूर्ण कराए जाएंगे।