लखीमपुर खीरी। नगर पालिका शहर की जलनिकासी को लेकर जीजीआईसी के समीप जिस नाले का निर्माण करा रही है, उस पर विवाद शुरू हो गया है। नाले की चौड़ाई पर आपत्ति उठाते हुए सभासदों ने डीएम को ज्ञापन देकर मामले की जांच कराने की मांग की है। करीब सौ साल पुराने नाले का भले ही नगर पालिका ने निर्माण कराना शुरू दिया हो, लेकिन इसकी चौड़ाई कितनी थी इसकी बारे में जानकारी होने से अधिशाषी अधिकारी इनकार कर रहे हैं।
कपूरथाला के सभासद रवींद्र रावत, थरवरनगंज के राशिद पठान और नई बस्ती के शारिब खान ने कम चौड़ाई के नाला निर्माण पर नाराजगी जताई है। सभासदों का कहना है कि शहर से बाहर जलनिकासी का यह प्रमुख नाला है। इससे महाराज नगर, नई बस्ती, शमशेर नगर, बाजपेई कॉलोनी, थरवरनगंज, नई बस्ती, सब्जी मंडी सहित कई मोहल्लों का पानी सेठघाट स्थित नदी में जाता है। सभासदों ने बताया कि यह कच्चा नाला करीब सौ साल पुराना है। इसकी चौड़ाई करीब 35 फुट थी, जिससे शहर का सारा पानी आराम से निकल जाता था, लेकिन पालिका प्रशासन ने बिना पड़ताल कराए छह फुट पक्के नाले का निर्माण कराना शुरू कर दिया। ऐसे में बारिश के दौरान जलनिकासी में दिक्कत होने से मोहल्ले में जलभराव होगा। इसलिए नाले की जो पहले चौड़ाई थी उसके अनुसार ही निर्माण होना चाहिए। सभासदों ने डीएम को ज्ञापन देकर मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है।
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नाले की चौड़ाई के बारे में जानकारी नहीं है। इस संबंध में जेई से जानकारी की जाएगी कि उन्होंने किस आधार पर नाला निर्माण के लिए लंबाई चौड़ाई निर्धारित की है। शहर में जलभराव न हो इसलिए ही पक्का नाला निर्माण कराया जा रहा है।
-आरआर अंबेश, अधिशाषी अधिकारी
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नगर पालिका में भ्रष्टाचार का आरोप, सीएम से शिकायत
लखीमपुर खीरी। नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ सभासदों ने मोर्चा खोल दिया है। नगर पालिका में होने वाली अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र मुख्यमंत्री भेजा है। सभासदों का कहना है कि शासनादेश का उल्लंघन कर करोड़ों के निर्माण कार्यों की ई- टेंडरिंग न कराकर चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। मोहल्ला कपूरथला के सभासद रविंद्र रावत ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में लिखा है कि बोर्ड बैठक कराए बिना सड़क निर्माण के टेंडर कराए जा रहे हैं। इसमें चहेते ठेेकेदारों को टेंडर न मिलने पर दूसरे ठेकेदारों को वर्क आर्डर जारी नहीं किया जाता। सभासदों ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर टेंडर प्रकाशन, कराए गए निर्माण कार्य आदि मामलों की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। संवाद