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मैलानी-शाहगढ़ के बीच सौ की स्पीड से दौड़ा इंजन

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मैलानी जंक्शन
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सीआरएस निरीक्षण की तैयारियां शुरू, लोगों को जल्द ट्रेन संचालन की बंधी उम्मीद
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मैलानी (लखीमपुर खीरी)। मैलानी-शाहगढ़ के बीच सौ किमी की स्पीड से इंजन को दौड़ाकर ट्रैक की जांच की गई, जोकि सफल रही। सीआरएस निरीक्षण को देखते हुए अब इस रूट पर पायलटों को एलआर कराया जा रहा है, ताकि सीआरएस के दौरान पायलट इस रूट पर ट्रेन लेकर जा सकें। अब सीआरएस के बाद मैलानी से शाहगढ़ के बीच जल्द ही ट्रेन संचालन की उम्मीद है।
आमान परिवर्तन के बाद मैलानी से शाहगढ़ तक ट्रैक तैयार हो चुका है। अभी ट्रेनों का संचालन शुरू होना बाकी है। ट्रेन संचालन से पूर्व सीआरएस निरीक्षण होता है। इस रूट का सीआरएस निरीक्षण 28 दिसंबर संभावित है। इसे देखते हुए कार्यदायी संस्था आरवीएनएल के अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रैक की जांच के लिए लोको पायलट अमित कुमार और ललित श्रीवास्तव ने मैलानी-शाहगढ़ खंड पर सौ किमी प्रति घंटा की स्पीड से सफलता पूर्वक इंजन दौड़ाया।
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इसके बाद शुक्रवार से इस रूट पर क्रू यानी लोको पायलट, सहायक लोको पायलट को एलआर अर्थात रोड लर्निंग रास्ता ज्ञान कराना शुरू कर दिया गया है। प्रत्येक क्रू को कम से कम तीन एलआर कराए जाएंगे। एलआर कर चुके लोको पायलट और सहायक लोको पायलट ही सीआरएस स्पेशल ट्रेन का संचालन करेंगे।
क्या होता है एलआर
मैलानी। रेलवे के किसी भी रूट पर पहली बार क्रू अर्थात लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को ट्रेन ले जाने से पहले उसे उस रूट का एलआर यानी रोड लर्निंग (रास्ते का ज्ञान) कराया जाता है, ताकि पायलट को उस रूट पर पड़ने वाले सिग्नल, कर्व, गेट आदि की समुचित जानकारी हो सके। इसी को रेलवे की भाषा में एलआर कहा जाता है। एक बार में समझ में न आने पर क्रू को पुन: एलआर कराया जाता है।
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साढ़े तीन साल से अधिक समय से बंद है ट्रेनों का संचालन
मैलानी। आमान परिवर्तन के लिए मेगा ब्लॉक लिए जाने के कारण मैलानी-पीलीभीत खंड पर ट्रेनों का आवागमन साढ़े तीन साल से अधिक समय से बंद चल रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में कठिनाइयां पेश आ रही हैं। मैलानी से शाहगढ़ तक ट्रैक तैयार हो चुका है, जबकि शाहगढ़ से माला के बीच वन विभाग की आपत्ति के चलते रोड़ा अटका हुआ है। इसी कारण रेल प्रशासन अब मैलानी से शाहगढ़ तक तैयार हो चुके ट्रैक का सीआरएस कराकर फिलहाल मैलानी से शाहगढ़ तक ट्रेन चलाने की तैयारी में है। उधर, मैलानी से पीलीभीत तक रेलों का आवागमन शुरू न हो पाने से यहां से पीलीभीत, बरेली, दिल्ली आदि ट्रेन से जाने के लिए क्षेत्रवासियों को अभी और इंतजार करना होगा। संवाद
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