उत्साही युवाओं को स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ने का मौका
गांवों को ओडीएफ बनाने के लिए करेंगे काम
प्रत्येक ब्लाक में चुने जाएंगे चैपिंयन, मिलेगा मानदेय
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांवों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) करने की मुहिम से उत्साही युवाओं को जुड़कर काम करने का मौका मिलेगा। इसके लिए शासन ने ब्लॉक स्तर पर ऐसे युवाओं का चयन करने के निर्देश दिए हैं, जिन्हें काम करने के एवज में प्रतिदिन 230 रुपये मानदेय दिया जाएगा। इच्छुक युवाओं को ब्लॉक स्तर पर बीडीओ/ एडीओ पंचायत कार्यालय में आवेदन करना होगा।
केंद्र सरकार ने गांवों को ओडीएफ बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास तेज कर दिए हैं, नतीजन इस जिले को दिसंबर 2017 तक एक लाख शौचालय बनाने का लक्ष्य मिला है। इसके साथ ही 550 गांवों को ओडीएफ बनाने की चुनौती मिली है। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद जिला पंचायत राज विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन को धार देने की कवायद तेज कर दी है, जिसके तहत मैन पावर बढ़ाने की तैयारी है। डीपीआरओ ने फुल टाइम इच्छुक व्यक्तियों का चयन करने के निर्देश सभी एडीओ (पंचायत) को दिए हैं। प्रत्येक ब्लॉक पर अधिकतम 15 युवाओं का चयन किया जाएगा, जिसमें स्वयं सेवी, नेहरू युवा केंद्र, युवक मंगल दल, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वरीयता दी जाएगी। इस कार्य के लिए ब्लॉकों पर चयनित व्यक्तियों को चैंपियन के तौर पर जाना जाएगा, जो गांवों में रुककर स्वच्छता का संदेश लोगों तक पहुंचाकर जागरूक करेंगे। जिला समन्वयक नंदकिशोर दीक्षित ने बताया कि चयन के बाद चैंपियन को यूनिसेफ के सहयोग पांच दिवसीय प्रशिक्षण 28 अप्रैल से दो मई 2017 तक दिया जाएगा।
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पांच सदस्यीय टीमें करेंगी गतिविधियां
चैंपियन की पांच सदस्यीय टीमें बनाई जाएंगी, जो चयनित गांवों में पांच दिन प्रवास कर संपूर्ण स्वच्छता विधा का क्रियान्वयन कराएंगे। टीम के सदस्यों को रहने, खाने, नाश्ता के लिए 230 रुपये प्रतिदिन मानदेय दिया जाएगा।