शहर में दिनोंदिन इमरजेंसी बिजली कटौती बढ़ती जा रही है। दिन और रात में छह-छह घंटे से अधिक बिजली काटी जा रही है। बिजली कटौती का समय बढ़ने से शहरवासी परेशान हैं। चूंकि बोर्ड परीक्षाएं सर पर हैं, इससे विद्यार्थियों को पढ़ने में काफी दिक्कतें आ रहीं हैं। साथ ही लोगों को पानी भी नहीं मिल पा रहा है।
बता दें कि रात में 11 बजे से एक बजे तक बिजली कटौती का रोस्टर लागू है, लेकिन शनिवार की रात करीब 10 बजे ही बिजली गुल हो गई और रात करीब दो बजे सप्लाई बहाल की गई। वहीं रविवार की सुबह 7.40 बजे सिस्टम कंट्रोल से 132 केवी छाउछ उपकेंद्र पर इमरजेंसी कटौती करने संबंधी कोड आ गया, जो 10.40 बजे तक लागू रहा। इसके तुरंत बाद ही नियमित लागू किया जाने वाला रोस्टर लागू हो गया। यह रोस्टर दोपहर एक बजे तक लागू रहा। इससे शहरवासियों को बिजली के साथ-साथ पेयजल की समस्या से भी जूझना पड़ा। वहीं, घंटों बिजली कटौती होने से शहर के लघु उद्योग धंधे भी ठप रहे। इस संबंध में व्यापार मंडल कंछल गुट के नगर अध्यक्ष श्याम कुमार तिवारी मामा का कहना है कि अव्वल तो बिजली कटौती का रोस्टर ही व्यापार के अनुकूल नहीं है, ऊपर से इमरजेंसी कटौती की वजह से और भी दिक्कतें बढ़ रही हैं। कई बार प्रशासन के साथ बैठकों में बिजली कटौती का मुद्दा उठाया गया, लेकिन इसमें कोई सुधार नहीं हो रहा है। इधर, एसडीओ टाउन राहुल शर्मा कहते हैं कि ग्रिड में कम वोल्टेज के कारण सिस्टम कंट्रोल से इमरजेंसी कटौती की जा रही है। शहर में कम से कम बिजली कटौती हो, इसके लिए अधिकारियों से बात की गई है।