प्रदेश की कई विद्युत इकाइयों की बिजली उत्पादन में गिरावट होने से गुरुवार को शहर की बिजली-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। ग्रिड पर लोड बढ़ने के कारण सिस्टम कंट्रोल (लखनऊ) ने सीतापुर से छाउछ आई 132 केवी बिजली लाइन पर इमरजेंसी रोस्टरिंग लागू कर दी। जिससे शहरवासियों को दिनभर तीन चरणों में नौ घंटे की बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। बिजली न मिलने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
गुरुवार को सुबह सात बजे तय रोस्टर के मुताबिक 11 बजे तक के लिए बिजली काट दी गई। इसके बाद जब सप्लाई बहाल हुई तो महज एक घंटे बाद ही यानि दोपहर 12 बजे से लेकर तीन बजे तक इमरजेंसी कटौती करने का सिस्टम कंट्रोल से फरमान आ गया। जिससे बाद पूरे ग्रिड की बिजली सप्लाई को ठप करना पड़ा। बिजली अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश की कई विद्युत इकाइयों में उत्पादन कम होने के कारण ग्रिड पर बिजली लोड बढ़ गया, जिसकी वजह से बिजली सप्लाई कर पाना मुश्किल हो रहा था। दोपहर तीन बजे के बाद बिजली सप्लाई बहाल हुई लेकिन चार बजे के बाद छह बजे तक के लिए फिर से रोस्टर लागू कर दिया गया। इस तरह शहरवासियों को तीन चरणों में नौ घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। जिसकी वजह से लोगों को बिजली के साथ-साथ पानी की समस्या से भी जूझना पड़ा। इधर बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता रजनीकांत मिश्रा के मुताबिक इमरजेंसी रोस्टरिंग लागू करने के लिए सिस्टम कंट्रोल से निर्देश आया था। इमरजेंसी कटौती के साथ-साथ पहले से तय रोस्टरिंग को भी लागू रखा गया, इसलिए बार-बार बिजली कटौती की गई।