लखीमपुर खीरी। गर्मी का पारा हाई होते ही बिजली का मीटर डाउन होने लगा है। दो दिनों में अधिकतम तापमान के 45 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचते ही चिलचिलाती गर्मी से परेशान लोगों ने अपने घरों में पंखे के अलावा कूलर और एसी (एअरकंडीशन) भी ऑन कर दिए हैं, जिससे बिजली की डिमांड में भी 45 मेगावाट का उछाल आ गया है। इससे कहीं लो वोल्टेज, तो कहीं तार टूटने की समस्या से बिजली की आंख मिचौनी शुरू हो गई है।
छाउछ स्थित 132 केवी बिजलीघर पर दो दिनों में 20 मेगावाट तक लोड बढ़ गया है, जिससे लाइनों में फॉल्ट के मामले बढ़े हैं। इस बिजलीघर से सदर तहसील के तहत आने वाले समस्त शहरी और ग्रामीण फीडर समेत ओयल और बेहजम के उपकेंद्रों को बिजली आपूर्ति की जाती है। शनिवार और रविवार को तापमान बढ़कर 45 डिग्री पहुंचते ही बिजली की डिमांड बढ़ने से अघोषित कटौती की समस्या उत्पन्न हो रही है। विद्युत पारेषण खंड के अधिशाषी अभियंता रामानंद ने बताया कि शाम सात बजे से बिजली का लोड ज्यादा बढ़ जाता है। इससे कई बार ट्रिपिंग की समस्या आती है या फिर लाइन में फॉल्ट आते हैैं। इससे लाइन को ठीक कराने के लिए शटडाउन कराया जाता है, जिससे कुछ देर के लिए अघोषित कटौती की स्थिति आती है। उन्होंने बताया कि गोला गोकर्णनाथ स्थित बिजलीघर पर भी 16 से 20 मेगावाट बिजली की डिमांड बढ़ी है। जबकि मोहम्मदी में दो दिनों के अंदर 15 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की डिमांड बढ़ी है।
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कुछ ऐसे आती-जाती रही बिजली
बिजली की मांग में बेतहाशा वृद्धि होने से कटौैती की समस्या बढ़ने लगी है। शनिवार की सुबह सात बजे बिजली चली गई तो तीन घंटे बाद करीब 10 बजे आई। दोपहर में भी कई बार ट्रिपिंग हुई। रात नौ बजे फिर बिजली गुल हो गई, तो आधे घंटे बाद आ गई। एक घंटे रुकी, फिर पौने 11 बजे चली गई। हालांकि पांच मिनट बाद बिजली ने दर्शन दे दिए। यह हाल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बना हुआ हैै।
बॉक्स=वर्जन......
गर्मी बढ़ने से बिजली की डिमांड दो दिनों में 45 मेगावाट बढ़ गई है। शाहजहांपुर से आने वाली सप्लाई से गोला, लखीमपुर और मोहम्मदी के बिजलीघर संचालित होते हैं, जो सभी ओवरलोड से प्रभावित हैं। निघासन और पलिया क्षेत्र में अभी ओवरलोड की समस्या नहीं हैै।
-रामानंद, अधिशाषी अभियंता, विद्युत पारेषण खंड