हाथियों के पैर के निशान। स्रोत : किसान
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बांकेगंज। किशनपुर अभयारण्य के मड़हा वन ब्लॉक में 10 दिनों से चार हाथी मौजूद हैं। उनकी चहलकदमी के कारण मड़हा से मोहम्मदी जंगल तक फसलों को नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार रात हाथियों की लोकेशन बफरजोन मैलानी रेंज जंगल और बाद में मड़हा पाई गई।
मड़हा वन ब्लॉक में डेरा डाले चार हाथी सोमवार की रात गोला-खुटार मार्ग को पार करके मोहम्मदी रेंज की सहजनियां बीट जंगल में घुस गए। इससे किसानों की फसलों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा। निगरानी टीमों के हाथियों को खदेड़ा, तो वे दो झुंडों में बंट गए। इनमें एक झुंड सहजनियां बीट और दूसरा, गोला-शाहजहांपुर मार्ग पार करके महेशपुर बीट में जा पहुंचा।
वहां जंगल में दो दिन रहने के बाद हाथी फिर से शुक्रवार की रात गोला-खुटार मार्ग पार करके बफरजोन मैलानी रेंज की खरेहटा बीट जंगल पहुंच गए। वहां बड़ी नहर पार करके नकुला जंगल होते हुए मड़हा में दोबारा डेरा डाल दिया।
निगरानी टीमों को हाथियों की लोकेशन शनिवार सुबह किशनपुर अभयारण्य से सटे रेशम फाटा में मिली है। डीटीआर के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि हाथियों के मड़हा जंगल में होने की सूचना मिली है। वनकर्मियों की टीमें गठित करके लगातार निगरानी कराई जा रही है। टीमें हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।