मझगईं (लखीमपुर खीरी)। दुधवा नेशनल पार्क से सटे गुलरा टांडा गांव में जंगल से निकलकर आए हाथियों के एक झुंड ने किसानों की गन्ने की फसल में जमकर उत्पात मचाया। फसल को पैरों तले रौंद दिया। किसानों ने हाथियों को वापस जंगल की ओर खदेड़ा। पार्क कर्मी व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजना अधिकारी ने मौका मुआयना किया है। किसानों ने हाथियों को भगाने के लिए पटाखों की मांग के साथ ही मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
मंगलवार की रात करीब 11 बजे दुधवा नेशनल पार्क की गुलरा चौकी पर तैनात दरोगा जमुना प्रसाद व वनरक्षक दीपक को सूचना मिली कि गुलराटांडा गांव के बाहर स्थित खेतों में जंगल से हाथी निकलने की कोशिश में है। इसपर मौके पर पहुंचे पार्क कर्मियों ने हवाई फायरिंग कर हाथियों को खेतों की ओर आने से रोका। एक घंटे की गश्त के बाद जब यकीन हो गया कि अब हाथी वापस नहीं आएंगे, तब कर्मी चौकी पर आ गए। एक घंटे जंगल में शांत रहने के बाद करीब एक बजे 26 हाथियों के एक झुंड ने जंगल से निकलकर किसानों के खेतों में घुसकर गन्ने की फसल को तहस-नहस करना शुरू कर दिया। जब तक किसान हाथियों का शोर सुन खेतों की तरफ दौड़े तब तक हाथियों ने किसान सोनू खां की आठ बीघा, बिसौदी खां की पांच बीघा गन्ने की फसल को पूरी तरह से रौंदकर बर्बाद कर दिया। किसानों ने हांका लगाने के साथ ही शोर शराबा किया तब जाकर हाथियों का झुंड वापस जंगल की ओर गया। सूचना पर बुधवार सुबह डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजना अधिकारी राधेश्याम, वन दरोगा जमुना प्रसाद ने मौका मुआयना कर किसानों को जल्द रिपोर्ट भेजकर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। उधर किसानों ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ से हाथियों को भगाने के लिए पटाखों की मांग के साथ ही जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की है।