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Lakhimpur Kheri News: रास्ता बदलकर खेतों में पहुंच रहे हाथी

Fri, 02 Oct 2026 12:17 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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हा​थियों ने रौंदी गन्ना की फसल। स्रोत : वन विभाग
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बांकेगंज। किशनपुर अभयारण्य में डेरा डाले सात हाथी निगरानी टीमों को चकमा दे रहे हैं। दिनभर जंगल में रहने के बाद शाम को रास्ता बदलकर आबादी के पास खेतों में पहुंच रहे हैं। यहां धान और गन्ने की फसल चरकर और रौंदकर नष्ट कर रहे हैं।
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बुधवार शाम हाथियों का झुंड बड़ी नहर पारकर दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज की सुल्तानपुर बीट पहुंचा। वहां से खुटार रेंज की सीमा पर स्थित पिपरा-मुजट्टा गांव के खेतों में पहुंचकर तीन किसानों की गन्ने की फसल नष्ट कर दी। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर ग्रामीणों और निगरानी टीमों ने पटाखे दागकर उन्हें बमुश्किल खदेड़ा। सुबह हाथी जंगल की ओर लौट गए।
मैलानी रेंजर सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बृहस्पतिवार को हाथियों की लोकेशन किशनपुर जंगल में मिली है।

गन्ने के खेत में वन्यजीव का हमला, बुजुर्ग घायल
बिजुआ। गोला रेंज के घनापुरवा गांव में बृहस्पतिवार सुबह गन्ने के खेत में चारा काट रहे 65 वर्षीय बिहारी पर अज्ञात वन्यजीव ने हमला कर दिया। घायल बिहारी का बिजुआ सीएचसी में उपचार कराया गया। बिहारी सुबह दस बजे खेत में चारा काट रहे थे, तभी जानवर ने हमला किया। शोर मचाने पर वह गन्ने के खेत में भाग गया। सूचना पर गोला रेंजर ने फॉरेस्टर विश्वजीत को मौके पर भेजा। रेंजर ने बताया कि पगमार्क न मिलने से हमलावर वन्यजीव की पहचान नहीं हो सकी। बुधवार को डुंडवा में रामौतार पर हुए हमले में भीरा रेंजर ने हमलावर को भालू बताया था। लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग ने जंगल और गन्ने के खेतों के आसपास सतर्कता बरतने की अपील की है। संवाद
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पीआरवी ने सर्पदंश की शिकार महिला की जान बचाई
बिजुआ। बुधवार रात गोंधिया में सांप के डसने से गायत्री की हालत बिगड़ गई। सूचना पर पीआरवी ने उसे 15 मिनट में सीएचसी बिजुआ पहुंचाया। डॉक्टरों के तत्काल उपचार से उसकी जान बच गई। ग्रामीणों ने पीआरवी चालक धीरज शुक्ला की सराहना की। संवाद
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तेंदुए के हमले का दावा, जांच में सियार पर शक
मझगईं। क्षेत्र में युवक के तेंदुए के हमले में घायल होने के मामले में नया मोड़ आया है। वन विभाग की जांच में घटनास्थल पर तेंदुए के पैरों के निशान नहीं मिले। इससे सियार के हमले की आशंका जताई जा रही है।
छब्बा पुरवा निवासी लालेराम (35) बुधवार रात करीब आठ बजे घायल हुए थे। परिजनों ने तेंदुए के हमले का दावा किया था। बाइक से गुजर रहे ग्रामीण शीशराम और नीलेश ने लालेराम को सड़क किनारे पड़ा देखा। दोनों उन्हें कस्बे के निजी क्लीनिक ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। घटनास्थल युवक के घर से करीब आधा किलोमीटर दूर मिला। मौके पर किसी बड़े हिंसक जानवर के पैरों के निशान नहीं मिले।
वन क्षेत्राधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि तेंदुए के हमले के कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं मिले हैं। प्राथमिक जांच में सियार के हमले की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। विभाग की ओर से घायल लालेराम को तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। संवाद
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