दुधवा नेशनल पार्क के जंगल से निकलकर आए करीब 40 हाथियों के झुंड ने भगवंत नगर गांव के करीब आकर खेतों में जमकर कहर ढाया। उन्होंने यहां कई एकड़ गन्ने, गेहूं, लाही, मिर्चा आदि की फसलों को रौंदने के साथ खेत में पड़ी झोपड़ी तबाह कर दी। ग्रामीणों ने पटाखे दागे और वन कर्मियों ने फायरिंग कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।
शुक्रवार शाम लगभग 6.30 बजे पार्क के जंगल से बच्चों समेत करीब 40 हाथियों के झुंड ने भगवंतनगर गुलरा के खेतीहर इलाके में पहुंचकर खूब कहर ढाया। गांव के पास हाथियों की चिंघाड़ सुनकर ग्रामीण काफी डर गए। हाथियों ने बाबूराम चौहान के मिर्च के खेत में पड़ी झोपड़ी को तहस-नहस कर दिया, जिसमें रखे चारपाई और बर्तन भी बर्बाद हो गए। यही नहीं दयाल सिंह, प्रभु, रमेश, रामधीन, बबलू सिंह सहित कई किसानों की खेतों में बोई गई गन्ने, गेहूं, लाही आदि की फसल रौंद डाली। सूचना डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजना अधिकारी राधेश्याम भार्गव को मिली तो उन्होंने गुलरा चौकी पर तैनात वनदरोगा रामपाल और पीआरडी जवानों को बुलाकर तथा ग्रामीणों के साथ ट्रैक्टरों से घेरा बंदी कर पटाखे दागे और हवाई फायरिंग की। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा जा सका।