लखीमपुर खीरी। आगामी चुनाव में दांव आजमाने वाले प्रत्याशियों को जीत-हार का गुणा-भाग अब नए सिरे से करना होगा। साल 2022 के चुनाव में जीत-हार का अंतर जितना नहीं रहा, इस बार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद उससे ढाई गुना अधिक वोट कट गए हैं।
जिले के सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों को कुल मिलाकर 5,05,802 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। यही आंकड़ा राजनीतिक दलों के लिए चिंता का विषय बन गया है। विधानसभा चुनाव में जिले की सभी आठ सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीत दर्ज की थी। सभी जगह दूसरे स्थान पर समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी रहे थे।
हालांकि, पलिया और निघासन को छोड़कर कहीं भी जीत-हार का आंकड़ा 30,000 की संख्या को पार नहीं कर सका था। सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों में अगर जीत-हार के कुल अंतर की बात करें तो यह 1,89,916 रहा था। इस बार एसआईआर में जो वोट कट गए हैं, वह उस आंकड़े से ढाई गुना से भी अधिक हैं।
विधानसभा क्षेत्र वार भी देखें तो पलिया में जीत-हार के आंकड़े से तकरीबन डेढ़ गुना से ज्यादा, निघासन में हार-जीत के आंकड़े से करीब 9,000 ज्यादा, गोला-गोकर्णनाथ में तीन गुना से ज्यादा, श्रीनगर में दो गुना से ज्यादा, धौरहरा में भी दो गुना से ज्यादा, लखीमपुर क्षेत्र में तकरीबन पांच गुना, कस्ता क्षेत्र में तीन गुना से ज्यादा और मोहम्मदी क्षेत्र में पिछले हार-जीत के आंकड़ों से तकरीबन 10 गुना से ज्यादा वोट एसआईआर की ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का असर चुनावों में देखने को मिल सकता है। संवाद