लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व में जख्मी मिले गैंडा की उपचार के दौरान मौत हो गई। चार पशु चिकित्सकों के पैनल से उसका पोस्टमॉर्टम कराया गया। इसके बाद उसका शव दफना दिया गया।
लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व के बेलरायां रेंज में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना फेज दो में जख्मी हालत में मिले कल्पना गैंडा के शावक की इलाज के दौरान शनिवार रात मौत हो गई। दुधवा पार्क प्रशासन ने उसके शव का चार डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया गया।
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दुधवा नेशनल पार्क की बेलरायां रेंज में सौर उर्जा चालिच बाड़ में मादा गैंडा कल्पना का बच्चा पांच दिन पहले गंभीर रूप से जख्मी मिला था। उसके थूथन और चेहरे पर चोट के निशान थे। गश्ती टीमों की सूचना पर पार्क प्रशासन ने दुधवा के पशु चिकित्सकों की टीम से उसका इलाज शुरू कराया गया। इस दौरान उसकी हालत में मामूली सुधार भी हुआ, लेकिन शनिवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ने से इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन के निर्देश पर गैंडा शावक के शव का चार पशु चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया गया। इस पैनल में दुधवा के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर, डॉ. दीपक वर्मा,डॉ. तलहा और पलिया पशु चिकित्सालय के चिकित्सक शामिल रहे। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को जमीन में दफना दिया गया।