आठ अप्रैल को प्लाइवुड फैक्ट्री में लगी थी आग
एक मजदूर की कुछ देर बाद ही हो गई थी मौत, दूसरा लखनऊ में था भर्ती
गोला रोड स्थित प्लाइवुड फैक्ट्री में लगी आग से दो मजदूर झुलस गए थे, जिसमें से सदर कोतवाली के गांव पिपरिया बाईपास निवासी रमेश उर्फ मुन्ना की कुछ देर बाद शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में मौत हो गई थी, जबकि इसी गांव के झुलसे दूसरे मजदूर रमेश को लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शनिवार को आठवें दिन उसकी मौत हो गई।
बता दें कि आठ अप्रैल को शहर निवासी नर सिंह अग्रवाल की गोला रोड पर स्थित एनके इंड्रस्ट्रीज के नाम से प्लाइवुड फैक्ट्री में आग लग गई थी। इस अग्निकांड में फैक्ट्री में काम कर रहे सदर कोतवाली के पिपरिया बाईपास निवासी 48 वर्षीय रमेश उर्फ मुन्ना पुत्र राममूर्ति वर्मा और यहीं के 36 वर्षीय रमेश पुत्र रामभजन झुलस गए थे। फैक्ट्री मालिक ने आनन-फानन में रमेश उर्फ मुन्ना को शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में, जबकि रमेश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। कुछ देर बाद रमेश उर्फ मुन्ना ने प्राइवेट अस्पताल में दम तोड़ दिया था, जबकि रमेश की हालत गंभीर होने पर लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतक के पिता रामलखन ने बताया कि शनिवार को उसके पुत्र रमेश की मौत हो गई है। इससे उसके परिवार में चीखपुकार मच गई।