नंगी पीठ को छुरियों से मातम कर किया लहूलुहान
कस्बे में आठवीं मोहर्रम का जुलूस अंजुमन हुसैनिया और अंजुमन गुलामाने हुसैन के लोगों ने अकीदत और एहतराम के साथ मोहल्ला शेखसरायं सुन्नी इमामबाड़े से निकाला। जुलूस बाजार होता हुआ मुगली टोला शिया इमामबाड़े में देर शाम को संपन्न हो गया। इस दौरान मातमदारों ने सीनाजनी की और नंगी पीठ पर छुरियों का मातम कर अपने आपको लहूलुहान कर लिया।
अंजुमन हुसैनिया और अंजुमन गुलामाने हुसैन ने नमाजे जोहर के बाद शेखसरायं सुन्नी इमामबाड़े से आठवीं का जुलूस निकाला। इस दौरान मौलाना आरिज हुसैन जैदी ने तकरीर में बताया कि करबला में इमाम हुसैन ने अपने परिवार के साथ जो हक और बातिल के खिलाफ कुर्बानी पेश की है उसकी आज तक कोई मिसाल नहीं मिलती। उन्होने करबला में आतंकवाद का मुकाबला करते हुए इंसानियत और भाईचारे का पैगाम दिया है। यही वजह है कि आज सभी धर्मों के लोग इमाम हुसैन को मानते हैं और उनकी अजीम कुर्बानी को याद करते हुए आंसुओं से खिराजे अकीदत पेश करते हैं।
आठवीं के जुलूस में मातमदारों ने मातम किया और नौहेखानों ने नोहे पढ़ कर इमाम हुसैन को खिराजे अकीदत पेश की। इमामबाड़े के पास पहुंचकर इमाम हुसैन की याद मेें नंगी पीठ पर धारदार छुरियों और सिरों पर तलवार से मातम कर अपने आपको लहूलुहान कर करबला में हुसैन पर हुए जुल्म को याद किया। आठवीं मोहर्रम का जुलूस बाजार बड़े चौराहे से मुड़कर स्टेशन रोड होता हुआ मुगली टोला, शिया इमामबाडे़ में देर शाम को संपन्न हो गया। इस बीच अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन की याद में सबील लगा कर शर्बत और पानी पिलाया।
धौरहरा। क्षेत्र में मोहर्रम की जूलूस निकला। ताजियेदारों ने मर्सिया गाकर सिर पर मटकों को रख नीचे आग लगाकर ताशे नगाड़े बजाते हुए करतब भी दिखाए।
इसके अलावा कफारा, महाराजनगर, लबेदपुर, अभयपुर, रमियाबेहड,़ रामनगर बगहा गुलरिया तेजनपुरवा टेकीकुंडा सेमरी सहित गांवों में भी ताजियेदारों ने जुलूस निकाला।