19 बच्चों के सैंपल भेजे गए थे लखनऊ, दो बच्चों की अभी आनी है रिपोर्ट
जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में बुखार के कारण भर्ती कराए गए कुछ बच्चों में डॉक्टरों ने जेई (जापानी इंसेफ्लाइटिस ) की संभावना जताई थी। जिस पर 19 बच्चों के सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे गए थे। इसमें से आठ बच्चों की रिपोर्ट में जेई की पुष्टि हुई है। जबकि अभी दो बच्चों की रिपोर्ट आनी बाकी है। आठ बच्चों में जेई की पुष्टि होने से सेहत महकमे में हड़कंप मच गया है।
बुखार आने पर रतनलाल पुत्र श्रीराम, कामिनी पुत्री शत्रुघ्न लाल, अंशु पुत्री कालू, समीक्षा राना पुत्री भाजी राना, अंकुश पुत्र टीकाराम, परमेश्वर पुत्र श्रीराम, संजीव पुत्र जमुना प्रसाद, मनीषा पुत्री यूसुफ, ममता पुत्री रामदेव, गौरव पुत्र रामू, किरन पुत्री प्रेम सागर, शिवा पुत्र जयप्रकाश, पूजा पुत्री नरेंद्र, सुमित कुमार पुत्र शम्भू लाल, आयुष पुत्र प्रेम कुमार, विशाल सिंह पुत्र राजेश सिंह, बलविंदर पुत्र जसकरन, आफरीन पुत्री सगीर अली एवं रीना पुत्री जगदीश प्रसाद को जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कराया गया था। इनमें से कुछ की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया था और इनके सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे गए थे। इनमें से आठ बच्चों में जेई की पुष्टि हुई है। जबकि आफरीन पुत्री सगीर और बलविंदर पुत्र जसकरन निवासी लालजी पुरवा की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
इन बच्चों में हुई जेई की पुष्टि
पांच वर्षीय पूजा पुत्री नरेंद्र निवासी त्रिकोलिया, तीन वर्षीय संजीत पुत्र जमुना प्रसाद निवासी राजुपर, पांच वर्षीय अंकुश पुत्र टीकाराम निवासी सिंगाही, नौ वर्षीय गौरव पुत्र रामू निवासी भीरा, नौ वर्षीय किरन पुत्री प्रेमसागर निवासी धबहीपुरवा, पांच वर्षीय शिवा पुत्र जयप्रकाश निवासी दुबहा, छह वर्षीय आयुश पुत्र प्रेमसागर निवासी दरेरी, नौ वर्षीय विशाल सिंह पुत्र राजेश सिंह निवासी देवा टांडा।
19 बच्चों के सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे गए थे। जिसकी रिपोर्ट शनिवार को मिली है। इसमें आठ बच्चों में जेई की पुष्टि हुई है, जबकि अभी दो बच्चों की रिपोर्ट आनी बाकी है।
-डॉ.मनोज कुुमार, सीएमएस जिला अस्पताल