कर्फ्यू के कारण न बाजार खुल रहे और न ही हो पा रही खरीदारी
लखीमपुर खीरी। ईद करीब है, मगर कोरोना के कारण बाजार बंद हैं। हमेशा की तरह ही इस बार भी बच्चों से लेकर युवा और महिलाओं की ख्वाहिश थी कि ईद पर नए कपड़े पहनेंगे और घर में पकवान बनेंगे। घर-घर जाकर ईद की शुभकामनाएं देंगे और सिवइयां खाकर रिश्तों में मिठास घोलेंगे, लेकिन कोरोना संक्रमण ने बाजार लॉक कर सब की खुशियां फीकी कर दी हैं। बाजार बंद होने से न तो लोग कपड़े खरीद पा रहे हैं और न ही व्यंजन बनाने के लिए सामग्री।
ईद का सभी को, खासकर बच्चों और युवाओं, बेसब्री से इंतजार रहता है। रमजान में अल्लाह की इबादत कर अलविदा की नमाज पढ़ेंगे। फिर घर परिवार और मित्रों के साथ ईद मनाएंगे, मगर पिछले साल की तरह इस बार भी कोरोना ने लोगों खुशियां काफूर कर दी हैं। इस बार भी कोरोना संक्रमण के कारण न तो लोग मस्जिद में नमाज पढ़ सके और न ही अब खुले मन से ईद ही मना सकेंगे। कर्फ्यू के चलते बाजार बंद है, जिससे बच्चों, युवाओं और बुजुुर्गों में मायूसी है। बुजुर्गों का कहना है त्योहार को लेकर बच्चे ज्यादा उत्साहित रहते हैं कि नए कपड़े मिलेंगे और खाने को पकवान।
गत वर्ष भी ईद का त्योहार लॉकडाउन की भेंट चढ़ गया था। सोचा था कि इस बार अच्छे तरीके से त्योहार मनेगा, लेकिन इस बार भी बाजार बंद हैं। ऐसे में न तो त्योहार को लेकर खरीदारी हो पा रही है और न ही छोटे भाई-बहनों के लिए कपड़े ही ले सके, जबकि भाई-बहन ईद पर मनपसंद कपड़े लेने के लिए पिछले साल से रट लगाए थे।
- समीउद्दीन, दीनपुरवा
ईद के समय पिछले साल भी लॉकडाउन था और इस बार भी है। खासकर ईद पर कपड़े खरीदे जाते हैं, लेकिन बाजार बंद है। हम लोग तो हालात समझ रहे हैं, लेकिन छोटे बच्चों को समझाना मुश्किल है। हालांकि जिले व प्रदेश के जो हालात हैं, उससे में कैसी खुशी। इस बार पुराने कपड़ों में ही त्योहार मना लेंगे। दुआ करेंगे कि हम सबको जल्द ही इस बला से निजात मिले।
- सादिक अली मुंशी, मितौली
कोरोना के कारण पिछले साल ईद की खुशियां गायब रही थीं। सोचा था कि अगले साल हालात सामान्य होने पर अच्छी तरह से मनाएंगे। मगर, इस बार फिर से त्योहार की खुशियों पर पानी फिर गया। कोरोना कर्फ्यू के कारण बाजार बंद है और त्योहार बेहद करीब। बच्चों के कपड़े आदि भी नहीं ले पाए, जबकि बच्चे नए कपड़ों को लेकर ज्यादा उत्साहित रहते हैं।
- इस्लाम खां, अमीरनगर
ईद की खुशियां पर कोरोना ने ग्रहण लगा दिया। कर्फ्यू के कारण खरीदारी भी नहीं हो सकती। उधर, संक्रमण के कारण ईद मिलने भी नहीं जा सकते। बेहद खुशी थी कि इस बार त्योहार दोस्तों के संग मनाएंगे, लेकिन कोरोना ने सारी खुशियों पर पानी फेर दिया। संक्रमण के डर से इस बार भी घर में ही रहना होगा।
- राहत अली, पलिया
पहली बार इस तरह की मंदी आई है। लोग अपनों को खोने से गमजदा हैं। ईद सादगी से मनाई जाएगी। ईद पर सबकी खैरियत की दुआ मांगनी है। भीड़ कतई नहीं लगने देनी है। बाहर से आने वालों से दूरी बनाकर रखनी है। किसी से गले नहीं मिलना ही इस वक्त ठीक रहेगा।
- इलियास, कपड़ा व्यापारी
घरों पर ही मनाएं ईद, नहीं लगेंगे मेले
ममरी। हैदराबाद थाना में पीस कमेटी की बैठक में मौलानाओं, रोजेदारों, ग्राम प्रधानों से एसओ अजय कुमार शर्मा ने शासन की ओर से जारी कोरोना गाइडलाइन का हवाला देकर बताया कि सभी लोग कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए ईद की नमाज अपने घरों पर पढ़ेंगे, केवल पेश इमाम ही मस्जिद में नमाज अद्रा करेंगे। भीड़ से बचने के लिए कहीं भी ईद के मेले नहीं लगेंगे। गाइडलाइन कोविड नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी ईद का त्योहार घरों पर मनाएंगे।
अमीरनगर। कस्बे की पुलिस चौकी में ईद के त्योहार को लेकर क्षेत्र के धर्म गुरुओं के साथ पीस कमेटी की बैठक में मोहम्मदी कोतवाली निरीक्षक बृजेश त्रिपाठी ने धर्म गुरुओं से अपील की कि कोविड-19 का पालन करते हुए ईद की नमाज घरों में अदा करें। मस्जिदों में केवल पांच लोग ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुए नमाज अदा करेंगे। ईद के मौके पर एक-दूसरे से गले न लगें। इस दौरान मौलाना याकूब खां, हाफिज नईम, मोहम्मद शाहिद खां प्रधान, अब्दुल अजीज खां प्रधान, मौलाना नफीस खां, हाफिज यूनुस खां, इरफान खां, जिला पंचायत सदस्य तौहीद खां आदि लोग मौजूद रहे। संवाद
ईद की नमाज घर में पढ़ने की अपील
सिकन्द्राबाद। थाना नीमगांव में रविवार को नव निर्वाचित प्रधानों और मौलानाओं के साथ पीस कमेटी की बैठक कर ईद की नमाज घर मे ही पढ़ने की अपील की गई। प्रभारी एसओ नीमगांव संजीव कुमार तोमर ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बिना काम घर से बाहर न निकलें। आने वाली ईद की नमाज मस्जिद और ईदगाह में नहीं पढ़ी जाएगी, सभी लोग अपने घरों में नमाज पढ़ें। संवाद