मानवाधिकार दिवस के मौके पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संघ के बैनर तले सामाजिक अराजकता, समस्या और निदान विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में संघ की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष डॉ. रितु वर्मा मौजूद रहीं। उन्होंने झुग्गी झोपड़ियों में निवास करने वालों के साथ ही बाल मजदूरों के उत्पीड़न पर प्रकाश डाला।
मेला मैदान रोड स्थित एक उत्सव गृह में हुई इस संगोष्ठी की अध्यक्षता कर जिलाध्यक्ष सुशील बंसल ने संगठन की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि डॉ. रितु वर्मा ने बाल श्रमिकों की शिक्षा और उनके पुनर्वास कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से चलाने की मांग करते हुए मानवाधिकारों के संरक्षण पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि के रूप में किशोर न्याय बोर्ड सदस्य सुजाता मिश्रा ने मानव अधिकारों के संरक्षण के साथ नशाखोरी रोकने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमारी पीढ़ी को नशे की लत खराब कर रही है, इसे रोकना होगा। कार्यक्रम संयोजिका मंजू त्रिवेदी ने महिला श्रमिकों को प्रसव अवकाश भत्ता दिलाने की मांग की। गोष्ठी का संचालन प्रमोद गौतम ने किया।
गोष्ठी में तय किया गया कि एफआईआर की तर्ज पर संस्था टीसीआर दर्ज कराएगी। इसके तहत संस्था प्रत्येक अत्याचार को दर्ज कर उसकी जांच कराने के बाद जांच रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग को भेजी जाएगी। इस दौरान संदीप गुप्ता, नरेंद्र शुक्ला, राम लड़ैती, पुष्पा देवी, प्रवेश गुप्ता, राकेंद्र, फारूक, जयराम यादव समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
मोहम्मदी। मानवाधिकार दिवस पर बाह्य दीवानी एवं अपर सत्र न्यायालय में एडीजे एमजे मदार द्वारा न्याय विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मानवाधिकारों का पालन करने की शपथ दिलाई। इस दौरान एडीजे मदार ने कहा कि सभी को अपनी जिम्मेदारियों के साथ साथ वादकारियों के प्रति अच्छा व्यवहार करना चाहिए। इस मौके पर न्यायिक मजिस्ट्रेट पीके वर्मा, अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार के अलावा किरनलता श्रीवास्तव, नंदकिशोर, विष्णु, मनोज, नेपाल सिंह, असलम, लवकुश पांडे, शैलेंद्र वर्मा सहित कर्मचारी मौजूद रहे। इसके अलावा नगर में भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से एक सभा का आयोजन किया गया जिसमें लोगों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया गया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष मोहम्मद परवेज, मोहम्मद हारिश खान, मोहम्मद वासिद मंसूरी, आदिल राइनी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।