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कोरोना का दंश: पढ़ाई हुई चौपट, पिछड़ा कोर्स

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आर्यकन्या डिग्री कॉलेज में चल रही संगीत की कक्षा। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। आम जनजीवन प्रभावित करने के साथ साथ कोरोना ने छात्र छात्राओं की पढ़ाई चौपट करके रख दी है। कोरोना की वजह से सात माह तक कॉलेज बंद रहे और अब जब नवंबर के आखिर में कॉलेज खुल गए हैं तो शिक्षकों के सामने कोर्स पूरा कराने की चुनौती है जबकि छात्राओं के सामने परीक्षा की तैयारी करने का संकट है।
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छात्राओं का कहना है कि कॉलेज तो खुल गए, लेकिन अब इतना समय नहीं बचा कि कोर्स पूरा हो सके। जबकि मार्च के अंत में विश्वविद्यालय की परीक्षाएं शुरू होने का शेड्यूल भी आ जाएगा। इससे परीक्षा की तैयारी करने के लिए समय कम मिलेगा। जबकि पिछले साल नवंबर में आधे से ज्यादा कोर्स पूरा हो गया था, जिससे कोर्स का रिवीजन करने के लिए पर्याप्त समय मिलने से पेपर अच्छे होने से नंबर भी बढ़िया मिले थे। मगर,इस बार कोर्स का पिछड़ना परेशान कर रहा है।
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मार्च से बंद हैं कॉलेज
स्कूल, कॉलेज मार्च के बाद से पूरी तरह बंद हैं। जुलाई तक कोरोना का कहर जारी रहा। हालांकि जुलाई से अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के बाद अगस्त से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो पाई। जबकि सामान्य दिनों में यही पढ़ाई अप्रैल में शुरू हो जाती थी। मगर, इस बार कोरोना के कारण छात्रों की पढ़ाई चौपट हुई है। ऐसे में कोर्स तक पूरा नहीं हो पा रहा है। जबकि मार्च में परीक्षाएं होने की संभावना है।
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बोलीं छात्राएं-दिन रात करनी पड़ रही पढ़ाई
28 एलकेएच 5
कोरोना ने पढ़ाई चौपट करके रख दी है। परीक्षा के लिए अब समय बहुत ही कम बचा है। इससे परीक्षा की तैयारी प्रभावित होगी। फिलहाल नोट्स तैयार कर रहे हैं, जिससे परीक्षा की तैयारी करने में दिक्कत न हो।
-स्नेहा शुक्ला, एमए द्वितीय वर्ष हिंदी साहित्य
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कोर्स काफी पिछड़ गया है। इससे पेपर की तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलेगा। हालांकि नोट्स तैयार कर परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
-शिवानी सिंह, एमए द्वितीय हिंदी साहित्य
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परीक्षा की तैयारी को लेकर चिंता हो रही है, क्योंकि ऑन लाइन पढ़ाई के दौरान कुछ समझ ही नहीं आया। कॉलेज खुलने से पढ़ाई हो पा रही है लेकिन कोर्स पूरा न हो सका तो दिक्कत होगी।
-साक्षी कश्यप, बीए तृतीय वर्ष
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परीक्षा में बेहतर अंक लाने के लिए पूरा कोर्स पढ़ना जरूरी है, लेकिन कोरोना ने इस पर भी ग्रहण लगा दिया। नोट्स बनाकर पढ़ाई कर रहे हैं, जिससे परीक्षा की तैयारी करने में असुविधा न हो।
-श्रुति मिश्रा, बीए द्वितीय वर्ष
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कोर्स पूरा कराने के लिए अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जा रही है, जिससे कोर्स जल्दी पूरा हो और छात्राओं को परीक्षा की तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
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-डॉ.सुरचना त्रिवेदी प्राचार्य, भगवानदीन आर्य कन्या महाविद्यालय
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