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कोरोना संक्रमण: ऑनलाइन पढ़ाई सिर्फ औपचारिकता

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लखीमपुर खीरी। कोरोना ने आम जनजीवन ही नहीं शिक्षा प्रणाली में भी काफी बदलाव कर दिया है। संक्रमण को लेकर पिछले पांच माह से स्कूल, कॉलेज सहित अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद है। हालांकि शासन के निर्देश पर छात्र छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। शिक्षक मोबाइल पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर पढ़ा रहे हैं। फिलहाल ऑनलाइन पढ़ाई से न छात्र-छात्राएं पूरी तरह से संतुष्ट हैं और न ही शिक्षक ही। निर्देशों के पालन में शिक्षक व्हाट्सएप सहित विभिन्न एप के माध्यम से शिक्षण कार्य कर तो रहे हैं, लेकिन न तो वह छात्रों को कोई टॉपिक अच्छी तरह से समझा पा रहे हैं और न ही छात्र उसे समझ ही पा रहे हैं, क्योंकि कक्षा की पढ़ाई वाली गुणवत्ता ऑनलाइन में नहीं रहती। ऐसे में छात्राओं का कहना है कि ऑनलाइन शिक्षा सिर्फ औपचारिकता भर है। इससे शिक्षक द्वारा भेजे गए नोट्स सिर्फ कॉपी हो सकते हैं।
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क्लास रूम वाली पढ़ाई मोबाइल पर संभव नहीं है। शिक्षक के सामने होने पर उनसे कोई भी टॉपिक अच्छी तरह से समझा जा सकता है। मगर, मोबाइल से ऐसा होना संभव नहीं है।
-आयुषी मिश्रा, बीए तृतीय वर्ष आर्यकन्या डिग्री कॉलेज
ऑनलाइन पढ़ाई में वह बात नहीं रहती है जो क्लासरूम की होती है। क्लास में जितनी अच्छी तरह से शिक्षकों से समझा जा सकता है वह मोबाइल पर तो संभव नहीं है।
-स्नेह अवस्थी, बीए तृतीय वर्ष आर्यकन्या डिग्री कॉलेज
महामारी में ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प बेहतर हैं। मगर, इसमें कक्षा वाली बात नहीं रहती। कक्षाओं में पढ़ाई ज्यादा अच्छी तरह से समझ आती है।
-सुधा जायसवाल छात्रा डायट
कोरोना से बचने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई अच्छा माध्यम है, लेकिन कमजोर नेटवर्क पढ़ते समय बाधा उत्पन्न करता है। इसलिए गांव से आकर शहर में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
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-अंजली वर्मा, छात्रा डायट
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