लखीमपुर खीरी। कोरोना काल में स्कूल, कॉलेज बंद होने से पढ़ाई प्रभावित है। हालांकि शिक्षक व्हाट्सएप से छात्रों को पढ़ा रहे हैं। ऐसे में छात्रों के पास मोबाइल का न होना, नेट रिचार्ज और नेटवर्क मुसीबत बना है। छात्रों को इनसे छुटकारा दिलाने के लिए शासन ने प्रोजेक्ट ई-ज्ञानगंगा से पढ़ाई कराने के निर्देश दिए हैं। दूरदर्शन और स्वयंप्रभा चैनल-22 पर कक्षावार विषयों के शिक्षक लेक्चर देकर इनके वीडियो बनाकर भी प्रसारित करेंगे। ऑनलाइन प्रसारण न देख पाने वाले छात्रों को इसके वीडियो यूट्यूब पर भी मिलेंगे।
डीआईओएस हयात अली अंसारी ने बताया कि मार्च से विद्यालय बंद है। हालांकि जुलाई से स्कूल, कॉलजों में व्हाट्सएप आदि के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। शिक्षक अपने-अपने विषयों के नोट्स बनाकर व्हाट्सएप पर काम दे रहे हैं। मोबाइल में नेटवर्क की होने वाली दिक्कत को देखते शासन ने दूरदर्शन और स्वयं प्रभा चैनल-22 पर ऑनलाइन पढ़ाई कराने की सुविधा दी है। कक्षा 10 एवं 12 के छात्रों को सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर एक बजे से शाम साढ़े छह बजे तक और कक्षा नौ के 11 के छात्रों को सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 11 बजे से एक और शाम 4.30 से 6.30 बजे तक शिक्षण कार्य का प्रसारण होगा।
यू ट्यूब से भी कर सकेंगे पढ़ाई
डीआईओएस ने बताया कि दूरदर्शन और स्वयं प्रभा पर शिक्षण कार्य का प्रसारण न देख पाने वाले छात्र इनके वीडियो यूट्यूब पर देख सकेंगे, क्योंकि प्रसारण के बाद इनके वीडियो यूट्यूब पर भी अपलोड होंगे।
पढ़ाई का समय
कक्षा 10 एवं 12 के छात्र दोपहर एक से दो बजे, 2.30 से तीन बजे, 3.30 से पांच बजे और 5.30 से 6.30 बजे तक पढ़ाई कर सकेंगे। जबकि कक्षा नौ व 11 के छात्र स्वयं प्रभा चैनल-22 पर सुबह 11 से एक बजे और शाम 4.30 से 6.30 बजे तक।
हर माह के अंत में प्रसारित होगा मूल्यांकन प्रश्नपत्र
डीआईओएस ने बताया कि स्वयंप्रभा और दूरदर्शन पर महीने के आखिर में मूल्यांकन प्रश्नपत्र भी प्रसारित किया जाएगा। इसमें पूछे गए सवालों के उत्तर छात्रों को व्हाट्सएप या फिर स्कूल के ड्राप बॉक्स में डालने होंगे। इसके लिए प्रधानाचार्य को स्कूल में ड्राप बॉक्स लगवाना होगा।
निगरानी के लिए गठित हुई टीमें
डीआईओएस ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई की निगरानी के लिए जिले का नोडल अधिकारी रविकांत सिंह और सह नोडल जीआईसी के प्राचार्य डॉ. आरके आर्य को बनाया गया है। वहीं दस-दस विद्यालय के ग्रुप बनाए गए हैं। उनमें से एक के प्रधानाचार्य को उनका नोडल बनाया गया है।