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भूकंप से दहशत, अफरातफरी

Sat, 25 Apr 2015 10:57 PM IST
लखीमपुर खीरी
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जिले में भूकंप से अफरा-तफरी मच गई। शनिवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस करते ही घबराकर लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। भूकंप इतना जोरदार था कि धौरहरा तहसील के रायपुर गांव में नरेंद्र्र शुक्ला का मकान भरभरा कर ढह गया। कई इमारतों में दरारें पड़ गईं। महज आधे घंटे के अंदर दो बार भूकंप के  झटके महसूस किए गए। भूकंप आने के बाद जिले भर के स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए। पुरानी इमारतों में चल रहे कई अस्पताल मरीजों से खाली करा लिए गए। इसके बाद दहशत का माहौल रहा और दिन भर अफवाहों का बाजार गर्म रहा।
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भूकंप का पहला झटका दिन में 11.41 बजे महसूस किया गया। यह झटका इतना जोरदार था कि घरों और दफ्तरों में बैठे लोग हड़बड़ा कर बाहर निकल आए। दफ्तरों में भगदड़ जैसा माहौल हो गया। एआरटीओ दफ्तर, पुलिस कार्यालय, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, कृषि भवन समेत सभी दफ्तर देखते ही देखते खाली हो गए। लोग बदहवासी में इधर-उधर भागने लगे। दूसरी बार दोपहर 12.19 पर एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। दो बार आए भूकंप से कई मकानों में दरारें पड़ गईं।
भूकंप आने के बाद प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिले के सभी स्कूल कॉलेज बंद करा दिए गए। शिक्षिकाओं ने आनन-फानन में बच्चों को कक्षाओं से बाहर कर खुले मैदान में बिठाया। स्कूल बंद करने के निर्देश मिलते ही स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। कई बच्चे पहली बार भूकंप से रूबरू हुए थे। भूकंप से बच्चे बुरी तरह सहम गए।
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भूकंप के झटके पूरे जिले में महसूस किए गए। लखीमपुर खीरी टाउन, ओयल, मैलानी, भीरा, बिजुआ, पलिया, बेहजम, बांकेगंज मितौली, सिकंद्राबाद, निघासन, सिंगाही, बेलरायां, तिकुनिया, धौरहरा, रमियाबेहड़, कफारा, फूलबेहड़ में भी भूकंप के झटके महसूस किए गया। इसके अलावा चंदनचौकी, गौरीफंटा, संपूर्णानगर, बिजुआ, मोहम्मदी, ममरी, अमीरनगर में भूकंप के झटके आने से अफरातफरी मच गई। झटके महसूस होते ही बाजार में दुकाने छोड़कर लोग सड़कों पर आ गए।
निघासन। भूकंप के झटके से अशोक चौबिया की दुकान में लगे खाली गत्ते भरभराकर गिर गए। छत पर पढ़ रहे एब्लान पब्लिक स्कूल के बच्चों को शिक्षकों ने उतारा। बड़े बच्चे डर के कारण भागने लगे, जिससे एक दूसरे के ऊपर गिरने से सिंगाही निवासी पवन का सात वर्षीय बेटा अर्पित और पुत्री छवि समेत कई बच्चे सीढ़ी से गिर गए, जिससे उनको चोटें आईं।
पलियाकलां। भूकंप के तेज झटकों से शहर के पुराना अस्पताल रोड स्थित अशोक मिश्रा के घर और स्टेशन रोड स्थित माहौर वैश्य धर्मशाला के भवन में दरारें पड़ गईं।
गोला गोकर्णनाथ। अलीगंज रोड स्थित बीआर अंबेडकर पार्क के सामने अंजलीनाथ के नर्सिंग होम की दीवार पर भूकंप के झटकों के कारण दरार पड़ गई।
ईसानगर। भूकंप आने से धौरहरा तहसील के रायपुर गांव निवासी नरेंद्र कुमार शुक्ला का पुराना मकान धराशाई हो गया। घटना के समय नरेंद्र्र अपने पूरे परिवार के साथ घर में ही मौजूद थे। भूकंप के झटके का अहसास होते ही वह पूरे परिवार के साथ घर के बाहर निकल आए, इससे एक बड़ी अनहोनी होने से बच गई। इसके अलावा ईसानगर के कमल सेठ के मकान में भी दरार आ गईं।
बिजुआ। बैंक में मेन गेट पर लगा शीशा टूट कर नीचे गिर गया। बैंक की दीवार पहले से क्रेक थी, लेकिन दावा है कि पहले झटके के बाद ही दीवार ज्यादा क्रेक हो गई। सीएचसी में डॉक्टर और स्टाफ अपना काम छोड़कर बाहर निकल गए, सबसे ज्यादा तकलीफ भर्ती किए गए मरीजों को हुई, वह किसी तरह से बाहर निकले।  
एक दूसरे का हाल जानने में लगे रहे लोग
लखीमपुर खीरी। भूकंप का झटका गुजरते ही लोग एक दूसरे का हाल जानने के लिए फोन करने लगे। लोगों ने अपने परिवार, मित्रों और रिश्तेदारों का हाल-चाल जानने के साथ ही सतर्क भी किया और हिदायत दी कि भूकंप के दौरान इमारत के अंदर न रुकें।
संचार और बिजली व्यवस्था हुई फेल
लखीमपुर खीरी। भूकंप आने के बाद कुछ देर के लिए संचार व्यवस्था अस्तव्यस्त हो गई। लोगों ने एक दूसरे की खैरियत जानने के लिए लैंडलाइन और मोबाइल से फोन लगाने की कोशिश की तो कुछ देर तक तो फोन लगे ही नहीं। करीब 10 मिनट बार संचार व्यवस्था बहाल हो पाई। इसी तरह भूकंप आने के बाद बिजली व्यवस्था भी कुछ देर के लिए ठप हो गई। इससे लोग परेशान हुए।
एसपी के आदेश पर अलर्ट हुई पुलिस
लखीमपुर खीरी। भूकंप आने के बाद एसपी अरविंद सेन ने पूरे जिले में वायरलेस से संदेश प्रसारित कर जिले की पुलिस को अलर्ट करते हुए निर्देश दिए कि सभी पुलिस कर्मी सड़कों पर आ जाएं। आसपास के क्षेत्रों पर नजर रखकर ग्रामीणों को सचेत करें। यदि कहीं मकान आदि गिरें हों तत्काल पीड़ितों को मदद पहुंचाएं। इसके बाद सड़कों पर पुलिस की गाड़ियां दौड़ने लगी।
अफवाहों का बाजार हुआ गर्म
लखीमपुर खीरी। भूकंप आने के बाद जिले भर में अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। तरह तरह की अफवाहें फैलने लगीं। कभी सिंगाही में तीन घर गिरने की सूचना आ रही थी तो कहीं चीनी मिल की दीवार दरकने की अफवाह फैल रही थी। इस तरह पूरे दिन अफवाहें फैलती रहीं।
वन्यजीवों ने पांच मिनट पहले दी भूकंप आने की दस्तक
बांकेगंज। शनिवार दोपहर आए भूकंप से पहले ही वन्यजीवों ने भूकंप आने की दस्तक दे दी थी। भूकंप आने के पांच मिनट पहले ही ग्रामीणों को जंगल के बाहरी हिस्सों में कुलाचे भरते हिरन दिखाई पड़े और बाघों के तेज आवाज के साथ दहाड़ की आवाजें सुनाई दीं। यह असामान्य व्यवहार भूकंप आने का संकेत था। वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. वीपी सिंह कहते हैं कि वन्यजीवों को भूकंप जैसी आपदा का पूर्वानुमान हो जाता है।
इससे पहले नहीं आए ऐसे भूकंप के झटके
बांकेगंज झाऊपुर निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग मोहम्मद सफी का कहना है कि जैसा तेज भूकंप शनिवार को आया इससे पहले इतना तगड़ा भूकंप नहीं देखा। उन्होंने याद करते हुए बताया कि आज से 50 बरस पहले भी भूंकप का झटका आया था। मगर उसकी गति इससे काफी कम थी।
दौलतपुर निवासी 55 वर्षीय किसान रामकृष्ण का कहना है कि इतनी उम्र में उन्होंने भूकंप का इतना तगड़ा झटका नहीं देखा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 में कुछ इसी तरह भूकंप का तेज झटका आया था लेकिन उसकी तीव्रता इससे काफी कम थी।
निघासन। झंडी बाजार बाग निवासी 65 वर्षीय अब्दुल अजीज ने बताया कि ऐसे भूकंप के झटके कभी नहीं आए है। पहली बार झटका देखकर घर के बाहर निकल आए। घर में चिल्ला रहे बच्चों को भी बाहर निकाला।  
गोला गोकर्णनाथ के गुप्ता कॉलोनी निवासी नियामत अली (92) ने बताया कि वह कमरे में लेटे थे। दोपहर में अचानक स्टूल पर रखा जग और गिलास हिलने लगा। और खाली गिलास जमीन पर गिर गया। यह उनके जीवन की तीसरी घटना है।  
गोला गोकर्णनाथ नगर के पूर्वी दीक्षिताना निवासी युवा व्यापारी नेता राजेश आनंद का कहना है कि वह अपने मकान पर बने एजेंसी कार्यालय में वर्करों सहित काम कर रहे थे। तभी उनका कंप्यूटर और कुर्सी हिलने लगी पहले यह महसूस हुआ। कि जैसे उन्हें चक्कर सा आ रहा है।
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