किसानों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। पिछले साल मौसम की मार से बर्बाद हुए किसान अभी उभर भी नहीं पाए थे कि इस साल भी मौसम की बेरुखी के चलते किसान हलकान हैं। जनवरी के पहले दिन से ही तापमान में बढ़ोतरी का असर रबी की फसलों पर साफ दिखाई पड़ने लगा है। तापमान में बढ़ोतरी के चलते बांकेगंज क्षेत्र के कई किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में बालियां निकल आई हैं।
कस्बा निवासी किसान अनवार ने बताया कि उसने 22 नवंबर को एक एकड़ खेत में गेेहूं बुवाई की थी। गेहूं बुवाई के समय उसने मानक के अनुसार खेत में नमी, प्रमाणित बीज, खाद आदि डाला था। इसके बाद वह लगातार गेहूं फसल की देखभाल करता रहा। अनवार का कहना है कि दस दिन पहले उसने गेहूं फसल में बालियां निकलती देखी तो उसके होश उड़ गए। अब धीरे-धीरे तीस प्रतिशत फसल में गेहूं बालियां आ गई हैं। समय से पहले गेहूं फसल में आई बालियों से चिंतिंत अनवार ने बताया कि इसकी रोकथाम के लिए उसने कई पुराने जानकार किसानों से संपर्क कर इस बावत जानकारी ली, तो उन्होंने इसे मौसम की मार का असर होना बताया।
उधर इस संबंध में कृषि वैैैज्ञानिक डॉ. सुहैल का कहना है कि इस साल मौसम के बदले तेवर रबी की फसलों और दलहन के उत्पादन पर बुरा प्रभाव डाल रहे हैं। कोहरा न पड़ने और जनवरी माह में दिन का तापमान 15 से 19 डिग्री पहुंचने पर गर्मी मिलते ही समय से पहले गेहूं फसल में बालियां निकल आई है। उनका कहना है मौसम के उतार-चढ़ाव से वनस्पतिक वृद्धि प्रभावित होने के साथ-साथ ही फसलों में रोगों ओर कीटों का का प्रकोप बढ़ने की आशंका है। उनका कहना है कि इस साल आम फसल में दो माह पहले दिसंबर माह में बौर आने की शुरूआत के बाद गेहूं फसल में तीन माह पहले जनवरी माह बालियां आने लगी हैं।