लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में कान के मरीजों का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है। इससे गंभीर मरीजों को यहां आकर मायूस होना पड़ रहा है। मशीनों की कमी की वजह से मरीजों को कान के ऑपरेशन के लिए प्राइवेट चिकित्सकों के यहां जाकर महंगा इलाज कराना पड़ रहा है या फिर लखनऊ जा रहे हैं। इससे उन्हें परेशानी के साथ ही आर्थिक क्षति भी हो रही है।
जिला अस्पताल में नाक, कान व गला (ईएनटी) रोग के करीब 120-130 मरीजों की प्रतिदिन ओपीडी होती है। इसमें कान के कई रोगियों को ऑपरेशन की जरूरत होती है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में ईएनटी माइक्रोस्कोप काफी समय से खराब पड़ा है।
माइक्रोस्कोप से ही ईएनटी विशेषज्ञ कान की संरचनाओं जैसे कि कान की नली, मध्य कान और कान के पर्दे का निरीक्षण करते हैं। ईएनटी सर्जरी के दौरान, माइक्रोस्कोप का उपयोग सर्जन को ऊतकों को बेहतर ढंग से देखने और सर्जरी के दौरान सटीक होने में मदद करता है।
माइक्रोस्कोप में खराबी की वजह से गंभीर रोगियों का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है। ऐसे मरीजों को लखनऊ रेफर किया जा रहा है या मरीज महंगे प्राइवेट अस्पतालों की ओर अपना रुख कर रहे हैं। इससे उन्हें काफी दिक्कतें हो रहीं हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि छोटे ऑपरेशन तो हो रहे हैं। कुछ ऑपरेशन के लिए मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।
मशीन के खराब होने की सूचना अब तक नहीं मिली है। ऑपरेशन थिएटर में किसी भी तरह के उपकरण की कमी नहीं है। अगर कान के ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं तो इसका पता किया जाएगा। - डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज