सभी सीएचसी में पहुंचे यूनानी चिकित्सक
कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोगियों को देखेंगे
लोगों ने किया खुशी का इजहार
यूपी में लखीमपुर से पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किए गए कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग एवं आघात की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार के राष्ट्रीय कार्यक्रम को अमली जामा पहना दिया गया है। जिले की सभी सीएचसी में यूनानी चिकित्सकों के साथ टीम ने आमद भी करा ली है। इसमें गोला, मोहम्मदी, निघासन, धौरहरा, लखीमपुर, मितौली, फरधान और पलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को भी एक-एक यूनानी चिकित्सक मिला है। जिन्होंने यहां अपनी टीम के साथ ज्वाइनिंग भी कर ली है। यूनानी चिकित्सक की नियुक्ति के बाद अब मरीजों का इलाज यूनानी चिकित्सा पद्धति से होगा। इससे जिले के तमाम लोगों ने खुशी जाहिर की है।
पलियाकलां। राष्ट्रीय कार्यक्रम की शुरुआत बुधवार को जिले पर आयुष राज्यमंत्री श्रीपाद येस्सो नाईक ने की थी। इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलते ही 24 घंटे में इसपर अमल शुरू हुआ और पूरे जिले की सीएचसी पर चिकित्सकों की तैनाती हो गई। यह चिकित्सक सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ यूनानी मेडिसन द्वारा भेजे गए हैं तथा इनके पास बीयूएमएस की डिग्री होगी। इसी में पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भी एक यूनानी चिकित्सक आए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. जितेंद्र पाल ने बताया कि यूनानी चिकित्सक ने यहां आकर ज्वाइनिंग कर ली है तथा उनके साथ एक फार्मासिस्ट, गुर्दा स्पेशलिस्ट, ऑक्सीजियोथेरेपी, लैब टेक्नीशियन आदि की भी ज्वाइनिंग करा दी गई है। उन्होंने बताया कि अभी यह टीम सीएचसी के बरामदे में बैठेगी तथा अस्पताल के पर्चे पर ही मरीज इनसे मिलकर अपनी समस्याओं के बारे में बता सकेगें। डॉ. पाल ने बताया कि यूनानी चिकित्सक सीएचसी इंचार्ज के अधीन होंगे तथा वह कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग और स्ट्रोक का इलाज करेंगे।
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जल्द पहुंच जाएगी दवाओं की खेप
यूनानी चिकित्सा के नोडल अधिकारी डॉ रविंद्र शर्मा ने बताया कि यूनानी चिकित्सा के लिए जल्द ही दवाओं की खेप जिले में पहुंच जाएगी। फिलहाल सीएचसी पर आने वाले मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। जिले में तैनात किए गए डॉक्टरों की निगरानी स्वास्थ्य विभाग करेगा, जबकि इनका वेतन सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ यूनानी मेडिसिन से ही मिलेगा।