यूपी बोर्ड परीक्षाओं में अब एक सप्ताह से भी कम समय बचा है। ज्यों-ज्यों परीक्षा की तिथि नजदीक आ रही है विद्यार्थियों का तनाव भी बढ़ता जा रहा है। अब परीक्षार्थी पूरी-पूरी रात जागकर परीक्षा की तैयारी कर रहें लेकिन अधिक देर तक जागना उनकी याद करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। डॉक्टरों के अनुसार परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए भरपूर नींद की आवश्यकता जरूरी है।
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 19 फरवरी से हैं अब मात्र पांच दिन ही बचे हैं तमाम विद्यार्थी ऐसे हैं जिन्होंने वर्ष भर मन लगाकर पढ़ाई नहीं की, अब जब परीक्षा सिर पर है तो वे रातदिन जागकर पढ़ाई करने में लगे हैं। इस संबंध में विशेषज्ञों की राय है कि देर रात तक जगना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को चाहिए कि पूरी नींद लें। इससे सुबह जगने पर उन्हें पूरी ताजगी मिलेगी। देर रात तक जगने से दूसरे दिन सुस्ती रहेगी इससे याद करने की क्षमता प्रभावित होगी। लिखकर तैयारी करने में भी दिक्कत होगी। विद्यार्थी स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें। रात दस बजे के बाद पढ़ाई न करें, हो सके तो सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करलें। चिंता त्यागकर प्रसन्न मन से परीक्षा दें।
कम हो सकती है याददाश्त
परीक्षा के दौरान भी विद्यार्थियों को नियमित दिनचर्या के हिसाब से पढ़ाई करनी चाहिए। विद्यार्थियों को कम से सात घंटे नींद अवश्य लेनी चाहिए। नींद की कमी से उनमें चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ता है परीक्षा के तनाव के साथ नींद की कमी से विद्यार्थी डिप्रेशन का शिकार हो सकते हैं साथ ही भूख कम लगने और सेहत पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ सकता है।
-डॉ.अमित सिंह, ईएमओ जिला अस्पताल