तीन साल पहले संकटा देवी चौराहे से लेकर नई बस्ती उपकेंद्र तक अंडरग्राउंड केबल बिछाकर बिजली सप्लाई शुरू करने का काम अधर में लटक गया है। विभागीय अधिकारी और ठेकेदार केबल बिछाकर बजट का अभाव बताकर बिजली लाइन को ऊर्जीकृत नहीं कर रहे हैं। इससे सड़क पर झूल रही जर्जर हाईटेंशन लाइन को हटाने का काम नहीं हो पा रहा है।
शहर में ओवरब्रिज निर्माण और बस स्टैंड रोड के सौंदर्यीकरण के लिए वर्ष 2011-12 में संकटा देवी चौकी से लेकर रेलवे क्रॉसिंग और गांधी विद्यालय चौराहे तक 33 केवी अंडरग्राउंड केबल बिछाने के लिए करीब एक करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया था। पहले चरण में केबल बिछाने के बाद जब उसे ऊर्जीकृत किया गया तो तकनीकी रूप में बरती गई खामियों के कारण अंडरग्राउंड केबल फुंक गई थी। जिसके बाद अंडरग्राउंड केबल डालने का काम फिर से शुरू किया गया। मौजूदा समय में अंडरग्राउंड केबल पूरी तरह बिछ चुकी है, लेकिन विभागीय अधिकारियों और संबंधित कायदाई संस्था की लापरवाही के कारण अंडरग्राउंड केबल को ऊर्जीकृत नहीं किया जा रहा है। एक अधिकारी का कहना है कि केबल बिछाने का काम काफी पहले पूरा किया जा चुका है। नई बस्ती उपकेंद्र से केबल को जोड़कर बिजली सप्लाई बहाल करनी है, लेकिन ब्रिज कारपोरेशन से करीब 20 लाख रुपये का बजट मिलने में हो रही देरी के कारण विभागीय अधिकारी लाइन को ऊर्जीकृत करने में लापरवाही बरत रहे हैं। इस लाइन के ऊर्जीकृत होने के बाद ही बिजली के खंभों में लटकी 33केवी की जर्जर बिजली लाइन को हटाया जाएगा।
जेई नई बस्ती मनोज पुष्कर ने बताया कि बिजली लाइन को ऊर्जीकृत करने की तैयारी की जा रही है। कुछ दिक्कतें आ रहीं हैं, जिसकी वजह से सप्लाई नहीं बहाल की जा रही है। उम्मीद है जल्द ही अंडरग्राउंड बिजली लाइन को नई बस्ती उपकेंद्र से जोड़ दिया जाएगा।