होली पर बाजार गुलजार रहे। रंग-गुलाल और मावा की दुकानों पर भीड़ लगी रही। दुल्हड़ी पर निकलने वाले जुलूसों और होलिका दहन स्थलों पर हुड़दंगियों ने रंग खेलने की तैयारियां पूरी कर लीं।
गुरुवार को सुबह से ही लोग खरीदारी को मेन मार्केट पहुंच गए। दोपहर तक मेन रोड, खपरैला बाजार, संकटा देवी रोड, सब्जी मंडी समेत मुख्य चौराहों पर इतनी भीड़ हो गई कि राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया।
मार्केट में हजार रुपये तक पिचकारी
बच्चों में रंगों और पिचकारियों की खरीद को लेकर काफी दिलचस्पी देखी गई। कोई गन शेप वाली पिचकारी दिलाने को मम्मी-पापा से इठलाता मिला तो कोई अपने पैरेंट्स से करिश्मा या फिर पेप्सी शेप की कलर फाइटर लेने की जिद करता मिला। मार्केट में दस से लेकर एक हजार रुपये कीमत तक की पिचकारियां बिकीं, लेकिन बच्चों की निगाह सस्ती पिचकारियां पर ज्यादा नहीं ठहरी।
500 रुपये किलो तक बिकी गुझिया
पिछले कई दिनों से मार्केट में मावा कम आने से तमाम घरों में गुझियां नहीं बन पाईं। इस कारण रेडीमेड गुझिया 180 से 500 रुपये किलो तक बिकीं।
बालों को बचाएंगी टोपियां
होली पर गुलाल तो बालों की रंगत नहीं उड़ा सकता, लेकिन रंग खतरनाक है।कैप से बचाव किया जा सकता है, इसलिए बाजार में चाइनीज टोपियां खूब बिकीं। राइडिंग कैप, स्पाइडर कैप, रेंचो, ऋतिक स्टाइल टोपियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। बाजार में राजश्री, अंब्रेला टोपी की खासी मांग रही। कैप 30 से 200 रुपये के बीच बिकीं।
खूब बिकीं गेहूं की बाली
पूजन में प्रयोग की जाने वाली गेहूं की बाली सुबह से ही बिकना शुरू हो गईं। चौराहों पर बाली खरीदने वालों की भीड़ रही। गांव से आए लोग गलियों में भी बालियां बेचते नजर आए।