ईदगाहों, मस्जिदों में अकीदत के साथ अदा हुई ईद उल अजहा की नमाज
एक दूसरे को गले मिलकर दी मुबारकबाद, दिन भर चला बकरों की कुर्बानी का सिलसिला
ईद उल अजहा पूरे जिले में अकीदत के साथ मनाई गई। सुबह ईदगाहों और मस्जिदों में संबंधित पेश इमामों ने नमाज अदा कराई। नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे को गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। इसके बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ जो दिन भर जारी रहा। इस मौके पर ईदगाहों पर मेले लगे।
शहर के ईदगाह समेत 18 मस्जिदों में ईद उल अजहा की नमाज अदा की गई। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईदगाह और मस्जिदों में कतारबद्ध होकर अकीदत के साथ नमाज अदा की और मुल्क में अमन चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। ईदगाह और मस्जिदों के आसपास सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी। साफ-सफाई के भी खास इंतजाम किए गए थे। डीएम आकाशदीप और एसपी डॉ. एस. चन्नप्पा के अलावा राजनीतिक दलों के लोग ईदगाहों और मस्जिदों पर जाकर लोगों से गले मिले।
खीरी टाउन। खीरी कस्बे की ऐतिहासिक ईदगाह पर हजारों लोगों ने अकीदत और एहतराम के साथ नमाज अदा की। साथ ही मुल्क में अमन और खुशहाली की दुआएं मांगी। वहीं शिया ईदगाह मीरा तालाब में नमाज अदा की गई। ओयल कस्बे में ईदुल अजहा की नमाज अलग अलग जगाहों पर अकीदत के साथ अदा की गई। इस मौके पर अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदर सिराज अहमद ने सभी को ईद की मुबारकबाद दी।
सिकंद्राबाद। क्षेत्र के अमेठी, सिकंद्राबाद, बेल्हारी, रायपुर, नीमगांव, अछनिया, बेहजम, रोशननगर, सुतेहरा, आदि गांवों की मस्जिदों में पेश इमाम ने ईद की नमाज अदा कराई।
मैलानी। ईद के मौके पर ईदगाह, जामा मस्जिद में नमाज अदा की गई। नमाज के बाद खुतबा औैर खुुतबे के बाद मुल्क, कौम, परिवार औैर समाज की तरक्की की दुआएं मांगी।
बांकेगंज। बांकेगंज कस्बे की मस्जिद में ईद की नमाज अकीदत से अदा की गई। नमाजियों ने एक दूसरे के गले मिलकर मुल्क के अमन चैन और तरक्की की की दुआ मांगी। गुलाब नगर, झाऊपुर और पिपरिया मस्जिदों में पेश इमामों ने नमाज अदा कराई।
गोला गोकर्णनाथ। सुबह से हो रही बरसात के कारण बकरीद की नमाज ईदगाह में न होकर नगर की मस्जिदों में अदा कराई गई। मोहम्मदी रोड स्थित जामा मस्जिद, बरकाती मस्जिद, नूरी मस्जिद, गौशिया मस्जिद सहित मस्जिदों में अकीदत के साथ नमाज अता की गई।
ममरी। कस्बा ममरी, हैदराबाद, मझिगवां, गनेशपुर, खरगापुर, चांदामऊ, नयागांव, कोटवारा, घरथनियां, दतेली, बनबुधेली, रोशननगर, सौंखिया, सरकारगढ़, अहमदनगर, परेली, छितौनियां, धिरावां आदि स्थानों की मस्जिदो व ईदगाहों में ईद की नमाज पढ़ी गई और बकरों की कुर्बानी देकर अमन की दुआ मांगी।
संसारपुर। ईद की नमाज के बाद मुल्क के अमन चैन और तरक्की के लिए अल्लाह से दुआ मांगी।
अमीरनगर। औलिया मस्जिद, ईदगाह में अकीदत के साथ नमाज अदा की गई। नमाज के बाद ईदगाहों में देश की अमनो चैन के लिए दुआएं मांगी गई। छतुरी, गरदहा, मथना, छेड़ीपुर के में नमाज अदा की गई।
जंगबहादुरगंज। पसगवां कोतवाली, पसगवां, जंगबहादुरगंज, छोलावारी, सिसौरा नासिर, सिसौरा शहामत, किरियारा, कोटा मुगल, इब्राहिमपुर सहित 13 ईदगाहों और 29 मस्जिदों कुल 42 जगहों में ईद की नमाज अदा की गईं।
बेलरायां। नमाजियों ने कुशाही की जामा मस्जिद में नमाज अताकर मुल्क की खुशहाली के लिए अल्लाह ताला से दुआ मांगी है। इस बीच ईदगाह में मेला लगा। गांव भैरमपुर, कुशाही, बेलरायां, भूलनपुर, भैडोरी में भी मुल्क की खुशहाली की दुआ मांगी।
पलियाकलां। क्षेत्र में ईद का त्योहार अकीदत के साथ मनाया गया। सुबह मस्जिदों में बकरीद की नमाज अदा की गई। सुरक्षा की दृष्टि से एसडीएम व एसओ दलबल के साथ मौजूद रहे। लोगों ने एक दूसरे के गले मिलकर बधाई दी। नगर के नूरी मस्जिद, मदीना मस्जिद, ईदगाह समेत अन्य मस्जिदों में नमाज अदा की गई।
मझगईं। कस्बे और नौगवां, गदियाना आदि में ईद का पर्व अकीदत के साथ मनाया गया।
कुकरा। कस्बे में नमाज शांति पूर्वक हुई है। ईदगाह जामा मस्जिद में हाफिज शकील, मदनी मस्जिद में नमाज अदा की गई।
मोहम्मदी। कस्बे में पेश इमाम मौलाना असजद सिद्दीकी ने नमाज अदा कराई।
छावनी बना रहा अल्लीपुर गांव
ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र के अल्लीपुर गांव में बीते कई साल से चले आ रहे विवाद के कारण ईद की नमाज इस बार भी यहां नहीं पढ़ी गई और न ही बकरों की कुर्बानी दी गई। पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील रहा जिससे पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। सीओ मोहम्मदी विजय आनंद, एसओ सत्येंद्र कुमार सिंह, अजान चौकी प्रभारी दिनेश यादव, तहसीलदार आशुतोष गुप्ता, कानूनगो, पीएसी के जवान और पुलिसकर्मी गांव के प्राथमिक विद्यालय और मदरसे में डेरा जमाए रहे। एसओ ने बताया कि करीब सात साल पहले यहां के मुस्लिमों ने एक राय होकर ईद की नमाज मदरसे में पढ़ने का प्रयास किया था जिसका दूसरे धर्म के लोगों ने जब विरोध किया तो मुसलमानों ने रोड जाम कर काफी बवाल किया था। बताते हैं कि यहां के मुस्लिम ईद की नमाज सदैव ही चांदामऊ की ईदगाह में पढ़ते रहे हैं जो प्रशासन से अनुमति लिए बगैर गांव में नई परंपरा डालना चाहते थे। जिस पर अधिकारियों ने प्रतिबंध लगा दिया था।
नहीं दिखे ईद की मुबारकबाद देने वाले
गोला गोकर्णनाथ। अमूमन अभी तक देखा जाता रहा है कि ईद हो या बकरीद। ईदगाह, मस्जिदों के पास जनप्रतिनिधि, समाजसेवियों में मुस्लिम समाज के लोगों को मुबारकबाद देने की होड़ सी लगी रहती है लेकिन इस बार जामा मस्जिद के बाहर कोई भी जनप्रतिनिधि, नगर पालिका के भावी उम्मीदवार, नेता या समाजसेवी मुस्लिम समाज के लोगों के गले मिलता नहीं दिखाई दिया। जिससे मुस्लिम समाज के लोगों में मलाल देखा गया।