महिलाओं के हाथ होगी दुधवा कैंटीन की कमान
इस सत्र में सैलानियों को भोजन और नाश्ता थारू महिलाएं परोसती नजर आएंगी। सैलानियों के लिए दुधवा में चल रही कैंटीन का संचालन की जिम्मेदारी ठेकदारों के हाथ में नहीं, बल्कि इको विकास समिति की महिलाओं के हाथों में होगी। इससे इको विकास समिति से जुड़ी महिलाओं को रोजगार मिलेगा और उनकी आय भी बढ़ेगी। अभी तक हर साल कैंटीन संचालन के लिए ठेका दिया जाता था। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इसमें बदलाव का निर्णय लिया है। आने वाले पर्यटन सत्र से कैंटीन की व्यवस्था ठेकेदारों को न देकर इको विकास समिति की महिलाओं को दी जाएगी।
इको समितियां करेगी शहद का उत्पादन
दुधवा टाइगर रिजर्व ने इको समितियों को रोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की योजना बनाई है। योजना के तहत समितियों की महिलाओं को दुधवा टाइगर रिजर्व मधुमक्खी पालन के लिए बॉक्स उपलब्ध कराएगा। महिलाएं मधुमक्खी पालन कर शहद का उत्पादन करेंगी। यह शुद्ध शहद सोविनियर शॉप पर बिकेगा।
दुधवा आने वाले सैलानी यहां से दुधवा का शुद्ध शहद भी खरीद सकेगें। दुधवा में पर्यटन सत्र के दौरान थारू हस्तशिल्प का स्टाल लगता है। यहां से सैलानी थारू महिलाओं के हाथ की बनी आकर्षक कलाकृतियां खरीद कर अपने घरों की शोभा बढ़ाते हैं। अब सैलानी शुद्ध शहद के रूप में अच्छी सेहत का सामान और दुधवा की मिठास भी साथ ले जा सकेंगे।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ललित कुमार वर्मा ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व के 15 नवंबर से शुरू होने वाले पर्यटन सत्र को सैलानियों के लिए अधिक सुविधाजनक, आकर्षक, रोमांचक बनाया जा रहा है। इस बार दुधवा पर्यटन परिसर में योगा प्लेटफार्म भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा दुधवा के पर्यटन परिक्षेत्र को पॉलिथीन और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।