दुधवा नेशनल पार्क में फेडरेशन आफ फारेस्ट, जिप्सी चालकों, गाइडों, दैनिक कर्मियों का कार्य बहिष्कार जारी है। उन्होंने आंदोलन के तहत एक बैठक की। जिसमें पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक डीएम का निलंबन नहीं हो जाता आंदोलन जारी रहेगा। उनके कार्य बहिष्कार के चलते पार्क में पर्यटन पूरी तरह से बंद है। पार्क में सन्नाटा पसरा हुआ है। इधर फेडरेशन आफ फारेस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी जिला और प्रांतीय पदाधिकारियों से मुलाकात के लिए रवाना हुए हैं।
पदाधिकारियों का आरोप था कि डीएम ने किशनपुर पहुंचकर कर्मियों से अभद्रता, साथ आए लोगों द्वारा कटैय्या बैरियर कर्मी सुनील से मारपीट, एआरटीओ को बुलवाकर दुधवा की जिप्सियां सीज करा दीं। इसी को लेकर पार्क के जिप्सी चालक, नेचर गाइड, दैनिक कर्मी विरोध पर उतर आए ।
कहा कि ऐसा बार-बार क्यों किया जा रहा है जब पार्क के कर्मी शांत हो गए थे तो फिर ऐसा नहीं होना चाहिए था। कहा कि इसके बाद उनको भी मजबूरन आंदोलन में कूदना पड़ा। फेडरेशन के उपाध्यक्ष रामकुमार ने कहा कि डीएम का निलंबन होना ही चाहिए। कहा कि तीन तहसीलों के एसडीएम की मौजूदगी में समझौता कर यह आश्वासन दिया गया था कि अब आगे कर्मियों का उत्पीड़न नहीं किया जाएगा लेकिन इसके बावजूद इस तरह की घटना का होना बेहद निंदनीय है।
मंत्री विजय कुमार ने कहा कि अगली रणनीति के तहत छह फरवरी को कर्मी अपने शस्त्र जमा कर देंगे। फिर भी मांग पूरी नहीं होती है तो सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया जाएगा। दैनिक श्रमिक संघ के रफीउल्ला ने कहा कि हम अब आर-पार की लड़ाई के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुके हैं।
दुधवा की सुरक्षा ही उनकी प्राथमिकता है लेकिन कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं हो सकता। बृहस्पतिवार को भी आंदोलन के चलते पार्क में पर्यटन ठप रहा और चारों ओर सन्नाटा पसरा रहा। बताया कि फेडरेशन का एक प्रतिनिधिमंडल प्रांतीय व जिला स्तरीय पदाधिकारियों से वार्ता के लिए रवाना हो गया है। जहां पहले से ही पदाधिकारी पहुंच चुके हैं।