दुधवा पर्यटन गेट पर ताला लगाते हुए वन विभाग के अधिकारी व कर्मी। स्रोत विभाग
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क दोनों शिफ्टों में जंगल सफारी कराने के बाद रविवार से सैलानियों के लिए बंद कर दिया गया। पिछले तीन सालों के आंकड़े देखें तो 2024-25 में विदेशी सैलानियों की संख्या बढ़ी है। इस बार 644 विदेशी सैलानियों ने पार्क का भ्रमण किया।
पिछले साल मात्र 234 ही विदेशी सैलानी पहुंचे थे। कुल मिलाकर 56,373 पर्यटकों ने इस बार जंगल सफारी का आनंद लिया है।
मानसून सत्र शुरू होने के बाद हर साल दुधवा नेशनल पार्क पार्क के द्वार 15 जून को बंद हो जाते हैं। हालांकि, पिछले साल 25 जून को ऐसा हुआ था। इस बार शासन स्तर से इस संबंध में आदेश नहीं आया था। दुधवा नेशनल पार्क में हर साल सैलानियों की आमद बढ़ रही है। इसका कारण है कि दुधवा की किशनपुर समेत सोनारीपुर रेंज में भी बाघों के दीदार सैलानियों को हो रहे हैं।
पार्क प्रशासन का कहना है कि अब नवंबर में दुधवा पार्क के द्वार खोले जाएंगे। इसके बाद ही सैलानी जंगल का भ्रमण करने के साथ ही जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।
हर साल की तुलना में इस बार पार्क प्रशासन को एक करोड़ 85 लाख 20 हजार 398 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। सैलानियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है, जिससे पार्क प्रशासन काफी खुश है। बढ़े हुए राजस्व के चलते हर साल हो रहे बदलावों को भी कारण माना जा रहा है, पर प्रशासन के अनुसार सैलानियों को लगातार दी जा रही सुविधाओं के तहत उनका ध्यान दुधवा के प्रति बढ़ा है।
दुधवा पर्यटन गेट पर ताला लगाते हुए वन विभाग के अधिकारी व कर्मी। स्रोत विभाग
दुधवा पर्यटन गेट पर ताला लगाते हुए वन विभाग के अधिकारी व कर्मी। स्रोत विभाग