दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन को चार चांद लग गए और पार्क शनिवार को सैलानियों के जत्थों से गुलजार हो गया। इसमें लखनऊ से वाणिज्य कर संस्थान के 65 अधिकारी और एक विदेशी सैलानी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
यहां 16 दिसंबर से कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे और इसके चलते पर्यटन भी बंद हो गया था। हालांकि पर्यटन 17 दिसंबर को दोपहर में शुरू कर दिया गया लेकिन इसकी आंच के चलते सैलानी गायब रहे और बंदी जैसे ही हालत दिखाई दिए लेकिन शनिवार को वाणिज्य कर प्रशिक्षण संस्थान लखनऊ के 65 अधिकारी-कर्मचारी यहां पहुंचे। इसमें शामिल डॉ. संतोष कुमार, फिरोज अली, परमहंस, प्रेमचंद्र, बृजेंद्र आदि ने बताया कि वह दुधवा की ख्याति सुनकर यहां आए हैं और उम्मीद है कि दुधवा वैसा ही होगा जैसा उन्होंने सुना है। यह सभी साझा कुटीर और थारू हटों में रहकर आनंद उठा रहे हैं। वह रविवार को सुबह की पाली में जंगल भ्रमण करेंगे। पार्क प्रशासन ने सैलानियों की आमद को देख कई और पालतू हाथियों को पर्यटन में लगा दिया है। फिलहाल दुधवा की रौनक लौट आई है और जिप्सी चालकों और गाइडों के चेहरे खिल उठे हैं।
सैलानियों ने दर्ज किए अनुभव
कई लोगों को दुधवा में टाइगर के दीदार हुए हैं और उन्होंने इस अनुभव को डायरी में दर्ज करना शुरू कर दिया है। लखनऊ समेत कई स्थानों से आए सैलानियों ने दुधवा में टाइगर देखने पर पैदा हुए रोमांच को बखूबी दर्शाया है।