इस बार बाघ और गैंडे देख सकेंगे दर्शक, बच्चे से कराया जाएगा उद्घाटन
पर्यटकों के लिए दुधवा नेशनल पार्क आज से खुल जाएगा। 15 नवंबर से शुरू होने जा रहे सत्र को लेकर तैयारियां कर ली गईं हैं।
पार्क अधिकारियों के मुताबिक नवीन सत्र को सभी तैयारियों को मुकम्मल कर लिया गया है। दुधवा में इस बार बाघ, गैंडा आदि जीवों के साथ उसकी जैव विविधता को भी तरजीह दी जाएगी। ओपनिंग सत्र में प्रशिक्षित गाडड सैलानियों को बाघ, गैंडों के साथ दुधवा की जैव विविधता के भी दर्शन कराएंगे। गौरतलब हो कि दुधवा नेशनल पार्क का सत्र 15 नवंबर से 15 जून तक चलता है। इसके बाद पार्क पर्यटन द्वार पर ताले जड़ दिए जाते हैं। ऐसा मानसून सत्र के चलते होता है। बारिश में कच्चे रास्ते खराब हो जाते हैं और वाहनों के फंसने का खतरा रहता है। वर्ष 2016 के सत्र का शुभारंभ 15 नवंबर की सुबह पूजन अर्चन से होगा, किसी बच्चे से भी शुभारंभ कराने की योजना है। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान पार्क निदेशक सुनील चौधरी, उपनिदेशक महावीर कौजलगि समेत तमाम स्टाफ व स्कूलों के बच्चे मौजूद रहेंगे।
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धूमधाम से मनाया गया सुहेली और विनायक का जन्मदिन
पलियाकलां। नन्हें हाथी सुहेली और विनायक का जन्मदिन बाल दिवस के दिन धूमधाम से मनाया गया। दोनों का जन्मदिन मनाने की परंपरा वर्ष 2014 में शुरू हुई थी। इस दिन दुधवा में बड़े जश्न के साथ उनका जन्मदिन मनाया गया था।
नन्हें हाथियों सुहेली और विनायक को सजाया गया था। सबसे पहले सुहेली और विनायक का तिलक रोचन किया गया और फिर सलूकापुर रेंज में लड्डू बांटे गए। इस दौरान पार्क उपनिदेशक महावीर कौजलगि और उनकी पत्नी शर्मिला कौजलगि समेत सलूकापुर का स्टाफ भी मौजूद रहा। बता दें कि नन्हीं हथिनी सुहेली का जन्म वर्ष 2013 में 14 नवंबर को हुआ था। यहां ढाई तीन माह पूर्व नन्हें हाथी विनायक ने भी कदम रखा था। सुहेली दुधवा की पालतू हथिनी श्रीलोचना की तो विनायक चमेली की संतान है।
नहीं चलेंगे फाइव सीटर निचले वाहन
दुधवा नेशनल पार्क में 15 नवंबर से शुरू हो रहे पर्यटन सत्र में एक बदलाव आया है। पिछले सत्र की तरह निचले प्राईवेट फाइव सीटर वाहन नहीं जा सकेंगे। उनको यहीं कैंपस में रुकना होगा। दुधवा दर्शन के लिए सैलानियों को 7 सीटर ऊंचे वाहन ही ले जाने होंगे। फिलहाल निचले वाहनों पर रोक जंगल के रास्तों की वजह से लगाई गई है। फिलहाल निचले वाहन से आने वाले सैलानियों को निराश होने की जरूरत नहीं हैं, वह जिप्सी से शुल्क देकर पार्क दर्शन कर सकते हैं।
ट्री हाउस में रहने का सपना रहेगा अधूरा
दुधवा नेशनल पार्क में सैलानियों के लिए बने ट्री हाउस में रहने का सैलानियों का सपना इस बार भी अधूरा रहेगा। पार्क अधिकारियों के मुताबिक इसको सैलानियों के लिए तकनीकी कारणों से नहीं खोला जा रहा है। बताया गया है कि इसकी ऊंचाई काफी है और इसके न खुलने का यही कारण भी है। अधिकारियों के मुताबिक इसकी जगह पर कम ऊंचाई का ट्री हाउस बनाया जाएगा।
डारमेट्री में दो पार्टीशन
डारमेट्री में दो पार्टीशन होंगे, जिसमें एक महिला और दूसरा पुरुष के लिए होगा। महिला पार्टीशन में करीब 18 बेड और पुरुष पार्टीशन में 16 बेड हैं।
ठहरने की सुविधा
दुधवा नेशनल पार्क पर्यटन परिसर में वन विश्राम भवन के साथ ही 14 थारू हट व जनरल हाल बना है। थारू हट दुधवा वन विश्राम भवन, बनकटी, किशनपुर, सोनारीपुर, बेलरायां, सलूकापुर में भी ठहरने की सुविधाएं हैं।
पुरानी दरों पर ही होगा पर्यटन
पार्क में अभी पर्यटन की दरें पुरानी ही लागू रहेंगी। हालांकि प्रस्तावित नई दरें भेजी गईं हैं लेकिन उनको अभी स्वीकृति नहीं मिली है। इसके चलते पुरानी दरों पर ही पर्यटन होगा और बीच में स्वीकृति मिल जाती है जो इसको बताकर ही लागू किया जाएगा। पार्क में प्रवेश शुल्क प्रति व्यक्ति तीन दिन 100 रुपये और बच्चों का साठ रुपये रखा गया है। विदेशियों के लिए शुल्क 800 रुपये है। आवास के लिए अलग-अलग शुल्क तय किया गया है।
इस बार जांच के बाद भीतर जाएंगे सैलानी
पार्क प्रशासन दुधवा पर्यटन गेट पर चौकी का निर्माण कराया है जहां भीतर जाने वाले सैलानियों के वाहन की जांच होगी। ठीक इसी तरह दुधवा कैंपस के बाहर सठियाना जाने वाले सैलानियों की जांच को भी चौकी बनाई गई है। दुधवा दीदार को कलकत्ता के रिटायर्ड जज नूर आलम चौधरी 14 नवंबर को ही पार्क में पहुंच गए हैं।
पार्क प्रशासन ने सभी तैयारियां मुकम्मल कर लीं हैं। आज पार्क के नवीन सत्र के शुभारंभ एफडी भी मौजूद रहेंगे। शुभारंभ बच्चे से कराया जाएगा। - महावीर कौजलगि, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क