मैगलगंज। पसगवां ब्लॉक निवासी खेती-किसानी से जुड़ीं सुनीता बावा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में सम्मानित किया। वह नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत 250 एकड़ से भी ज्यादा की फसलों पर ड्रोन से नैनो यूरिया का छिड़काव कर चुकी हैं। सुनीता बावा को देश भर में तीसरा स्थान हासिल हुआ है।
महिला सशक्तिकरण के साथ साथ महिलाओं को कृषि क्षेत्र में बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई केंद्र सरकार की नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत देश भर से 35 महिलाओं का चयन किया गया था। जिसमें एक नाम पसगवां ब्लॉक के जमुनिया शहवाज गांव की रहने वाली सुनीता बावा पत्नी मनदीप कुमार का भी है। उन्हें देश भर में तीसरा स्थान हासिल हुआ है। सुनीता ने बताया कि नमो ड्रोन दीदी सुरेखा निवासी जनपद मेडचल तेलंगाना को देशभर में पहला स्थान मिला है। दूसरे स्थान पर हरियाणा से महिला किसान विमला हैं, जो कि सिरसा जनपद से ताल्लुक रखती हैं। तीसरे स्थान पर वह खुद हैं।
उन्होंने बताया कि उनके पति मनदीप बावा पूर्व में ग्राम प्रधान रह चुके हैं। उन्होंने अपने किसान पति के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चलने की ठानी। इसके बाद नमो ड्रोन दीदी योजना में पंजीकरण कराया। पंजीकरण के बाद प्रशिक्षण प्राप्त होने के साथ-साथ उन्होंने काम करना भी शुरू कर दिया। वह अब तक क्षेत्र के 250 एकड़ खेत में तरल यूरिया का छिड़काव कर चुकी हैं। परिवार के लिए कमाई का जरिया बनने के साथ-साथ सुनीता ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
महज छह महीने पहले शुरू हुई थी इतिहास बनने की कहानी
सुनीता बताती हैं कि ड्रोन दीदी योजना के तहत छह महीना पहले आवेदन किया था। बाद में 15 दिन की ट्रेनिंग फूलपुर प्रयागराज में हुई। इसके बाद लखीमपुर में इफको की तरफ से पिछले साल नवंबर महीने में ड्रोन दिया गया था। इस ड्रोन से खेतों में कीटनाशक, नैनो डीएपी आदि का छिड़काव होता है। उन्होंने बताया कि 300 रुपये प्रति एकड़ गेहूं-धान और 500 रुपये प्रति एकड़ गन्ना का रेट है। इस आधार खेतों में जाकर वह खुद छिड़काव करती हैं।
क्या बोलीं ड्रोन दीदी
प्रधानमंत्री से सम्मानित होने के बाद अपने आप को बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। सम्मान मिलने के बाद हमारा मनोबल दोगुना हो गया है।
सुनीता बाबा, ड्रोन दीदी