लखीमपुर खीरी। फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के मामले में डीपीआरओ ने मोहम्मदी एडीओ पंचायत को पत्र भेजकर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि आखिरकार जन्म प्रमाणपत्र फर्जी कैसे बना या फिर अन्य कोई वजह है।
मोहम्मदी के ग्राम नकेड़ा गांव निवासी राजकुमार अपनी बेटी का आधार कार्ड बनवाने के लिए बीआरसी केंद्र पहुंचे। वहां पर जन्म प्रमाणपत्र को फर्जी बताते हुए आधार बनाने से मना कर दिया गया। कर्मचारियों ने बताया कि यह जन्म प्रमाणपत्र सीआरएस पोर्टल पर नहीं है। ऐसे में यह फर्जी है, जबकि उस पर डिजिटल हस्ताक्षर भी हैं।
ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि आखिर यह प्रमाणपत्र कैसे बना। राजकुमार ने बताया कि दो वर्ष पहले पंचायत से बेटी का जन्म प्रमाणपत्र बनाया था। इसके लिए उसने 300 रुपये भी दिए थे। अब उसको नहीं पता कि यह प्रमाणपत्र फर्जी कैसे है। इधर, यह मामला सुर्खियों में आने के बाद डीपीआरओ विशाल सिंह ने पूरे मामले की रिपोर्ट मोहम्मदी एडीओ से तलब की है। डीपीआरओ ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद मामला स्पष्ट हो जाएगा।
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बड़ी गड़बड़ी की आंशका
कुछ माह पहले हरदोई सहित कई जिलों में बड़ी संख्या में लोगों के फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए जाने का मामला सामने आया था। बताया गया था कि किसी ने पोर्टल को हैक कर फर्जी प्रमाणपत्र जारी कर दिए। इसके बाद सभी प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए गए थे। जिले में भी इस तरह गड़बड़ी की आंशका है। हालांकि, विभागीय अफसर इससे मना कर रहे हैं।