लखीमपुर खीरी। जिले में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़कों, गलियों और बाजारों में इनके झुंड घूमते नजर आ रहे हैं। कई जगह इनसे बच्चों और बुजुर्गों को काटने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कुत्तों के टीकाकरण व नसबंदी का काम नहीं कराया जा रहा है।
शहर में आवारा कुत्तों की संख्या में इजाफा होने के साथ ही कुत्ते के काटने की घटनाएं भी बढ़ रही है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 80-100 मरीज एंटी रेबीज लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा जिला महिला अस्पताल व सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें अधिकांश मरीज आवारा कुत्तों से शिकार होकर पहुंच रहे हैं। बुधवार को मितौली क्षेत्र की पियरा गांव निवासी कैसरजहां को आवारा कुत्तों ने नोचकर मौत के घाट उतार दिया। वहीं, लगातार बढ़ रही कुत्तों की संख्या पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
लोगों का कहना है कि नगर पालिका व पंचायतों को कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान चलाना चाहिए, ताकि घटनाओं को रोका जा सके। हालत ये हैं कि सुबह और शाम के समय कुत्तों के डर से सड़कों पर निकलने से बचते हैं। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि समय पर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाना बेहद जरूरी है, वरना संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता है।
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बचाव
-कुत्तों को छेड़ने या उकसाने से बचें।
-डॉग बाइट होने पर तुरंत साबुन से घाव धोएं।
-झाड़-फूंक में न पड़े।
-नजदीकी अस्पताल में तुरंत एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाएं।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से वार्ता हो गई है। अभियान की तैयारी चल रही है। जल्द ही विशेषज्ञ बुलाकर अभियान चलाया जाएगा और कुत्तों का टीकाकरण कराया जाएगा।
संजय कुमार, ईओ, नगर पालिका
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कुत्तों की मीटिंग का समय चल रहा है। इसलिए वह आक्रामक हो रहे हैं। हमारे विभाग का काम सिर्फ इलाज करने का है। अगर नगर पालिका या नगर पंचायत मदद द्वारा मांगी जाएगी, तो कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. दिनेश सचान, सीवीओ