बेलरायां। घर के आंगन में खेल रही तीन साल की मासूम बच्ची तारनी पर उसके घर के पालतू कुत्ते ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल को निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया जहां डॉक्टर ने उसके 11 टांके लगाए हैं।
कसबा बेलरायां निवासी गौतम लहिड़ी ने बताया कि मंगलवार लगभग दो बजे उनका बेटा तुषार लहिड़ी पालतू कुत्ते के साथ खेल रहा था। इस बीच उनकी तीन वर्षीय पोती तारनी भी आ गई। जैसे ही तारनी का हाथ कुत्ते को लगा। कुत्ते ने मासूम तारनी पर हमला कर उसका मुंह अपने मुंह में रख लिया। ये देख तारनी के पिता तुषार लहिड़ी ने कुत्ते को डांटा तो उसने छोड़ दिया। कुत्ते का दांत लगने से मासूम का चेहरा लहूलुहान हो गया। इससे घर में अफरातफरी मच गई। तारनी को लेकर परिवार वाले डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर ने तारनी के 11 टांके लगाए हैं। घटना से परिवार के लोग काफी आहत हैं। पशु पालक गौतम लहिड़ी ने बताया कि सेंट बरनाड नस्ल की फीमेल जब प्रेग्नेंट होती है। तब वह काफी एग्रेसिव हो जाती है और वो अपने पेट पर किसी को हाथ नहीं लगाने देती है। तारनी का हाथ उसके पेट पर लग गया, जिससे वो आक्रोशित हो गई।
पशु चिकित्साधिकारी अवधेश पटेल ने बताया कि डाबरमैन तथा जर्मनशेफर्ड नस्ल के कुत्ते कुछ ज्यादा एग्रेसिव होते हैं। सेंटबर्नाड नस्ल के कुत्ते एग्रेसिव नहीं होते, लेकिन प्रेगनेंसी के समय सावधानी बरतनी चाहिए। एंटी रेबीज इन्जेक्शन जरूर लगवाना चाहिए। जिससे खुद भी बचे और कुत्ते को भी बचाएं।