लखीमपुर खीरी। यूपी बोर्ड ने परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र भेज दिए हैं। मगर, इसमें तमाम गलतियां हैं। इस पर किसी छात्र का नाम गलत लिखा है तो किसी की जन्मतिथि। जबकि कुछ छात्रों के माता पिता के नामों में गड़बड़ी हैं। इसको लेकर परीक्षार्थी परेशान हैं। प्रधानाचार्य इसे बोर्ड की त्रुटि बता रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा फार्म पर नाम आदि सही भरे गए थे इसके बावजूद प्रवेश पत्र पर गलती बोर्ड की लापरवाही प्रदर्शित करता है। हालांकि डीआईओएस का कहना है कि प्रवेश पत्र की गलतियां सुधारने के लिए बोर्ड ने वेबसाइट खोलकर एक अंतिम मौका दिया है। प्रधानाचार्य उसमें सुधार कर लें।
इस बार प्रवेश पत्र पर छात्र का नाम हिंदी और अंग्रेजी भाषा में है। इसी तरह अंकपत्र पर भी नाम लिखे होंगे। मगर, प्रवेश पत्र पर लिखे नामों में तमाम गलतियां हैं। किसी का छात्र का नाम हिंदी में सही लिखा है तो अंग्रेजी में गलत है। इसी तरह यदि अंग्रेेजी में सही है तो हिंदी में गलत है। नाम के साथ माता पिता के नामों में भी गड़बड़ियां है। इसको लेकर छात्र छात्राएं परेशान है। उन्हें डर है कि यदि अंकपत्र में भी इस तरह की त्रुटियां हुईं तो उसमें सुधार कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।
इस तरह की हैं गलतियां
प्रवेश पत्र पर छात्र के नाम से लेकर उनके माता पिता के भी नाम गलत लिखे हैं। विभागीय लोगों का कहना है कि हिंदी में नाम अंकित करने के लिए जिस कंप्यूटर एप्लीकेशन का उपयोग किया गया है। उससे ही गड़बड़ियां हुई हैं। कंप्यूटर ने अंग्रेजी में लिखे नाम को ही हिंदी में कनवर्ट कर दिया है। जिस कारण सूरज का सुरज, रवि का रावी, सचिन का साचिन, दिनेश का दनेश, ध्रुव का धरुण लिखा है।
बोर्ड परीक्षा कॉपियों का वितरण शुरू
डीआईओएस ने बताया कि बोर्ड परीक्षा कॉपियों का वितरण तहसीलवार शुरू कर दिया गया है। इस क्रम में 31 जनवरी को धौरहरा तहसील, एक फरवरी को मितौली, तीन एवं चार को मोहम्मदी, पांच से सात तक गोला और आठ से 11 फरवरी तक लखीमपुर तहसील के परीक्षा केंद्रों की कॉपियां दी जाएंगी।
प्रवेश पत्र की गलतियां सुधारने के लिए बोर्ड ने वेबसाइट खोल दी है। त्रुटियों में सुधार करने के लिए यह आखिरी मौका है। इसलिए प्रधानाचार्य वेबसाइट खोलकर गलतियों में सुधार कर लें।
-डॉ. आरके जायसवाल, डीआईओएस