मितौली। क्षेत्र के छह गांवों में कुत्ते के हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत है। दो दिनों में करीब 19 लोगों को काटकर घायल करने वाले खूंखार कुत्ते ने कई बकरी, भैंस व अन्य पशुओं को भी घायल किया था। इससे पशुओं में रेबीज फैलने का खतरा बना हुआ है।
पिपरा गांव निवासी मूलचंद चौकीदार ने बताया कि वह खेत की मेड़ पर बैठे थे तभी अचानक कुत्ते ने हमला कर दिया और दोनों हथेलियों में गहरे घाव हो गए। इसी गांव की सात वर्षीय हिमांशी ने बताया कि वह रास्ते में खेल रही थी तभी पीछे से आए कुत्ते ने काट लिया। बिट्टो देवी ने बताया कि उनका नाती खेत की ओर जा रहा था, कुत्ते ने पैर में काट लिया।
गांव कुस्तौल के आदर्श कुमार ने बताया कि वह घर के बाहर बैठा था, कुत्ते ने काट लिया। हसनपुर निवासी महेश कुमार ने बताया कि वह भैंस चराने जा रहे थे, तभी कुत्ते ने उनकी उंगलियों में काट लिया। रौतापुर निवासी राजेश कुमार ने बताया कि वह खेत में सिंचाई कर रहे थे, पीछे से आए कुत्ते ने हमला कर दिया।
ढखिया निवासी उमाशंकर मिश्र ने बताया कि खेतों की ओर जाते समय कुत्ते ने काट लिया। जलालपुर गांव में बकरी चरा रही एक बुजुर्ग महिला को भी कुत्ते ने गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक कुत्ते ने सबसे ज्यादा पशुओं को नुकसान पहुंचाया है। कई बकरियों और भैंसों के शरीर पर गहरे घाव हैं। पशुपालकों का कहना है कि अगर समय रहते एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगी तो पशुओं की हालत बिगड़ सकती है।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनुपम सिंह ने बताया कि टीम को गांवों में भेजकर घायल पशुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही सभी प्रभावित पशुओं को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जाएगी।
उमाशंकर मिश्रा निवासी ढखिया
उमाशंकर मिश्रा निवासी ढखिया
उमाशंकर मिश्रा निवासी ढखिया
उमाशंकर मिश्रा निवासी ढखिया