हालत बिगड़ने पर कर दिया था लखनऊ रेफ
आरोप है कि ब्लीडिंग न रुकने पर चिकित्सकों ने उससे बिना पूछे ही पूजा की बच्चादानी निकाल दी। ब्लीडिंग फिर भी नहीं रुकी तो प्रसूता को लखनऊ के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया। मामले के बाद पीड़ित परिजनों और अस्पताल संचालक के बीच खर्च को लेकर समझौता हुआ कि इसका खर्च न्यू लाइफ हॉस्पिटल देगा।
पीड़ित ने बताया कि इलाज में उसका करीब एक लाख 40 हजार रुपये खर्च हुआ, जो पीड़ित ने ही जमा किए। अब अस्पताल का संचालक न फोन उठा रहा है और न ही खर्च दे रहा है। जब उसके अस्पताल पहुंचा तो अस्पताल बंदकर संचालक फरार हो गया। पीड़ित की शिकायत पर डीएम दुर्गाशक्ति नागपाल ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।