कुछ इस तरह पर्चियों पर लिखी जा रही बाहर की दवा व इंजेक्शन। संवाद
लखीमपुर खीरी। निशुल्क इलाज की आस में जिला अस्पताल आने वाले मरीजों की जेब ढीली की जा रही है। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को बाहर की महंगी दवाइयां व इंजेक्शन लिखे जा रहे हैं। इससे मरीजों की निशुल्क इलाज की आस टूट रही है।
जिला अस्पताल में बाहर से दवा व इंजेक्शन लिखने की शिकायत पर जब शुक्रवार को पड़ताल की गई तो ओपीडी सहित इमरजेंसी में मरीजों के हाथों में पर्चियां दिखीं। इस पर डॉक्टरों ने बाहर की दवाएं लिखी थीं। यह दवाएं सिर्फ उन्हीं मेडिकल स्टोर पर मिलती हैं, जहां चिकित्सकों की सेटिंग है। जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे अर्पित ने बताया कि इमरजेंसी में उन्हें बाहर की महंगी दवाएं लिखी गई हैं। इसके अलावा कई मरीजों के तीमारदारों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उनसे मोनोसेफ वन जीएम, प्रोटीन पाउडर, मल्टी विटामिन सीरप सहित करीब 1100 रुपये तक के एंटीबायोटिक इंजेक्शन बाहर से मंगवाए गए।
अगर कोई चिकित्सक मरीज को बाहर की दवाएं लिख रहा है, तो मरीज मुझसे शिकायत करे। उक्त चिकित्सक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
कुछ इस तरह पर्चियों पर लिखी जा रही बाहर की दवा व इंजेक्शन। संवाद
कुछ इस तरह पर्चियों पर लिखी जा रही बाहर की दवा व इंजेक्शन। संवाद