शासन के निर्देश पर रविवार की सुबह करीब नौ बजे डीएम किंजल सिंह, एसपी अरविंद सेन समेत तमाम अधिकारियों ने पुलिस फोर्स के साथ जिला कारागार में चेकिंग की। बंदियों के पास बीड़ी, सिगरेट, गुटका, साबुन आदि के तमाम पैकेट मिले। कारागार में करीब डेढ़ घंटे तक चली चेकिंग के बाद जब डीएम वापस लौटने लगीं तो उन्होंने बंदियों के बैरक से सिपाहियों को मिले सामान वापस करने का निर्देश दिया, जिसके बाद सारा सामान बंदियों को वापस दे दिया गया।
जेल के निरीक्षण में प्रशासनिक अधिकारियों ने पाकशाला, गल्ला गोदाम, जेल अस्पताल, कैंटीन का भी मुआयना किया। जेल अस्पताल के रजिस्टर में 13 बंद भर्ती मिले। चेक करने पर इतने बंदी ही भर्ती मिले। इस तरह जेल में सबकुछ ठीक मिला। निरीक्षण के बाद करीब साढ़े दस बजे डीएम-एसपी समेत सभी अधिकारी और पुलिस फोर्स कारागार के बाहर निकल आए। डीएम किंजल सिंह ने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से कुछ जरूरी निर्देश दिए गए हैं। जेल अधीक्षक एचआर दोहरे ने बताया कि डीएम ने पुलिस को चेकिंग में बंदियों के पास से मिले सामानों को वापस करने का निर्देश दिया। छापेमारी के दौरान एडीएम एसपी सिंह, एसडीएम सदर आलोक वर्मा भी मौजूद रहे।
चेकिंग में साबुन मिला तो उठा लाए
डिप्टी जेलर योगेश कुमार के मुताबिक चेकिंग के दौरान बंदियों के पास से साबुन मिला तो एक अधिकारी उसे भी उठा लाए, जिस पर उन्हें बताया कि यह साबुन केंद्रीय कारागार नैनी में बना है। बंदियों के नहाने और कपड़ा धोने के लिए साबुन का इस्तेमाल होता है जो प्रतिबंधित नहीं है। तब अधिकारी ने साबुन लौटाया।
कारागार में बीमार हैं 37 बंदी
जिला कारागार में इनदिनों 37 बंदी बीमार हैं, इनमें 13 बंदी कारागार के अस्पताल में भर्ती हैं। जेल अधिकारियों के मुताबिक अन्य बंदियों का इलाज कर उन्हें दवाएं दे दी गई हैं।
मोबाइल लेकर जेल में घुस गए सिपाही
चेकिंग में नियम है कि पहले पुलिस फोर्स की गेट पर ही तलाशी ले ली जाए उसके बाद ही अंदर जाने दिया जाए, लेकिन यहां तो सिपाही बिना तलाशी दिए ही जेल के अंदर दाखिल हो गए। जबकि इन सिपाहियों को जेल में इन्हीं सब वस्तुओं की चेकिंग करनी थी। जेल अधीक्षक ने इसे भी गलत बताया।
जेल कैंटीन में भी बिक सकती है बीड़ी
कारागार में बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, गुटखा पर जेल अधीक्षक एचआर दोहरे ने बताया कि जेल मैनुअल में कैंटीन पर मानक के हिसाब से बंदियों को बीड़ी, सिगरेट, गुटखा की बिक्री की जा सकती है। हालांकि यहां कैंटीन पर इन पदार्थों की बिक्री नहीं की जाती।