लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत किशोर, किशोरियों को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक बदलाव एवं इस दौरान स्वस्थ रहने के प्रति जागरूक करने के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का सोमवार को समापन हुआ। इसमें एएनएम को प्रशिक्षण देकर प्रमाणपत्र दिए गए।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. आरपी दीक्षित ने बताया कि किशोरावस्था शारीरिक, मनोवैज्ञानिक एवं व्यवहारात्मक विकास की विशेषताओं वाली होती हैं। बचपन से व्यस्क होने की तरफ बढ़ने के दौरान तमाम शारीरिक बदलाव होते हैं। किशोरावस्था में न तो वह बच्चा रहता है और न ही पूरा वयस्क। इस दौरान वह विभिन्न शारीरिक एवं मनोवैज्ञानिक बदलाव से होकर गुजरता है। इस दौरान किशोर किशोरियों को जागरूक करने की जरूरत होती है।
जिला समन्वयक सचिन गुप्ता ने कहा कि किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक बदलाव एवं स्वास्थ्य को लेकर जिज्ञासाओं को दूर करने के लिए जिला एवं महिला अस्पताल सहित सीएचसी पर साथिया केंद्र हैं। जहां पर परामर्शदाता किशोर किशोरियों को खान पान, मानसिक स्वास्थ्य, नशे से दूर रहने, गैर संचारी रोग, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, चोट एवं लिंग आधारित हिंसा की रोकथाम आदि विषयों पर परामर्श देते हैं। गांव में किशोर किशोरियों को इसके प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी एएनएम की है। अमित खरे एवं फैमिली प्लानिंग मैनेजर पदमाकर त्रिपाठी सहित सभी ब्लॉक की एएनएम मौजूद रहीं।