जिला अस्पताल में 10 बेड के आईसीयू वार्ड का उद्घाटन कार्यक्रम डीएम किंजल सिंह ने न सिर्फ ऐन टाइम पर रद् कर दिया, बल्कि सीएमओ से इसके निर्माण से लेकर चालू होने तक की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सकते में हैं। ऐसे में उद्घाटन की जल्दबाजी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के गले की फांस बन गई है।
एनआरएचएम से दो साल पहले जिला अस्पताल में 10 बेड के आईसीयू वार्ड का निर्माण शुरू हुआ था। इसका निर्माण कभी बजट की कमी से तो कभी अधिकारियों की जांच के चक्कर में फंसता रहा, जिसके कारण देरी हुई। यह वार्ड अब बनकर तैयार हो गया, लेकिन इसमें प्रस्तावित पांच एसी अब भी नहीं लग पाए। खास बात तो यह है कि आईसीयू वार्ड को संचालित करने के लिए अभी स्टाफ की भी नियुक्ति नहीं हो पाई। इसके बावजूद शुक्रवार की सुबह आनन फानन में इसके उद्घाटन की तैयारी की गई। मुख्य अतिथि डीएम किंजल सिंह को सूचना भेजी गई। उन्होंने भी पहुंचने की सहमति दे दी। दिन में 11 बजते ही आईसीयू वार्ड भवन पर उद्घाटन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। शिलापट पर पर्दा डालने के साथ मुख्य गेट पर फीता लगा दिया गया। गुलदस्ते भी आ गए। मीडिया के लोग भी पहुंच गए। डीएम के स्वागत को एसीएमओ डॉ. बलवीर, डॉ. राकेश कुमार और डॉ. आरके वर्मा समेत पूरा स्टाफ तैयार खड़ा था, तभी मोबाइल पर डीएम द्वारा उद्घाटन कार्यक्रम रद् करने की सूचना आई। साथ ही कहा गया कि आईसीयू वार्ड के निर्माण से लेकर इसके चालू होने तक के संपूर्ण विवरण और कार्ययोजना की आख्या प्रस्तुत की जाए। इस पर डॉक्टरों की टीम सकते में आ गई। कार्यक्रम रद् होने की सूचना के साथ सभी डॉक्टर पत्रकारों से बचते नजर आए।
....तो कार्डियोलोजी से भी बदतर हो जाता आईसीयू वार्ड
जिला अस्पताल में कार्डियोलोजी विभाग है, लेकिन यहां हार्ट स्पेशलिस्ट न होने के कारण यह औचित्यहीन बनकर रह गया है। डॉक्टरों के अनुसार, ठीक इसी तरह दस बेड के आईसीयू वार्ड के लिए चार डॉक्टर, आठ नर्स, चार वार्ड ब्वाय, फार्मेसिस्ट के साथ-साथ एक अस्पताल की तरह स्टाफ की आवश्यकता होती है, लेकिन इनमें से किसी भी पद पर न तो कोई नियुक्ति हुई है और न ही इसके लिए कोई विज्ञापन आदि निकाला गया है। ऐसे में यदि इसका उद्घाटन हो जाता तो इसकी हालत कार्डियोलोजी विभाग से भी बदतर होती, क्योंकि स्टाफ और संसाधनों के अभाव में मरीज भर्ती हो नहीं पाते। ऐसे में इसमें सिर्फ धूल ही जमती रहती।
जरूरत है आईसीयू वार्ड की
शहर के प्रमुख चिकित्सक डॉ एसपी वर्मा की माने तो जिले में आईसीयू वार्ड न होने के कारण जिला अस्पताल से हर दिन पांच से 10 मरीज लखनऊ रेफर किए जाते हैं। यदि यह सुविधा जिला अस्पताल को मिल जाए तो काफी मरीजों का लाभ होता। विशेषकर निर्धन मरीजों को बहुत सुविधा हो जाएगी, वहीं जल्दी इलाज मिलने से तमाम जिंदगियां भी बच जाएंगी।
डीएम किंजल सिंह ने बताया कि आईसीयू वार्ड का उद्घाटन कार्यक्रम शायद जल्दबाजी में तय किया गया। मुझे पता चला कि अभी वह पूरी तरीके से तैयार नहीं है। फिलहाल उद्घाटन कार्यक्रम रद कर आईसीयू वार्ड से संबंधित समस्त ब्योरा सीएमओ से तलब किया गया है। रिपोर्ट मिलने और इसकी तैयारी पूर्ण होने पर ही उद्घाटन किया जाएगा।