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Lakhimpur Kheri News: टीबी पर काबू की ओर जिला, 356 मरीज घटे, 138 गांव टीबी मुक्त

Mon, 23 Mar 2026 11:30 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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टीबी अस्पताल में मरीजों की जांच करते चिकित्सक। संवाद - फोटो : संवाद
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लखीमपुर खीरी। जिले में टीबी (क्षय रोग) के खिलाफ चल रही जंग अब असर दिखाने लगी है। एक साल में 356 मरीज कम हुए हैं और 138 गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। हालांकि, रोजाना करीब 50 मरीजों की ओपीडी यह भी संकेत दे रही है कि चुनौती अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में 2123 मरीज चिह्नित हुए थे, जो 2025 में घटकर 1767 रह गए हैं। विशेषज्ञ इसे लगातार चल रहे सर्वे, जांच और मुफ्त इलाज का नतीजा मान रहे हैं।
जिले के 138 गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इनमें ईसानगर क्षेत्र का अचरौरा गांव गोल्डन श्रेणी में शामिल है, जहां पिछले तीन वर्षों से एक भी मरीज सामने नहीं आया। इसके अलावा दो वर्षों से टीबी मुक्त 47 गांव सिल्वर और एक वर्ष से टीबी मुक्त 90 गांव कॉपर श्रेणी में रखे गए हैं।
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क्षय रोग चिकित्सक डॉ. नवीन गुप्ता ने बताया कि रोजाना करीब 50 मरीजों की जांच की जा रही है। पॉजीटिव मिलने पर तुरंत इलाज शुरू किया जाता है, जिससे संक्रमण पर नियंत्रण संभव हो पाया है।
जिला क्षय रोग अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. पीके रावत के अनुसार झुग्गी-झोंपड़ी जैसे इलाकों में मरीज अधिक मिलते हैं, जहां विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कई मरीज अफवाहों में आकर बीच में इलाज छोड़ देते हैं, जिससे बीमारी दोबारा बढ़ जाती है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि घर-घर सर्वे, नियमित जांच, मुफ्त दवा वितरण और जनजागरूकता अभियान इस सफलता की बड़ी वजह हैं। लोगों से अपील की गई है कि लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं और पूरा इलाज लें, ताकि जिले को पूरी तरह टीबी मुक्त बनाया जा सके।
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डेटा बताता है बदलती तस्वीर
वर्ष 2023 : 1800
वर्ष 2024 : 2123
वर्ष 2025 : 1767

अभियान में लगीं टीमें
आशाएं : 3550
सीएचओ : 337
बीसीपीएम/बीपीएम : 15

ये लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं
-दो सप्ताह से अधिक खांसी।
-रात में बुखार, दिन में सामान्य।
-छाती में दर्द।
-वजन घटना, भूख कम होना।
-बलगम में खून।
-ज्यादा पसीना।
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बचाव के उपाय
-जन्म के एक माह के भीतर बीसीजी टीका।
-खुले में थूकने से बचें।
-खांसते-छींकते समय मुंह ढंकें।
-इलाज का पूरा कोर्स करें।
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