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मायूसी : पात्र होने के बाद भी 285 बच्चों को नहीं मिला आरटीई में प्रवेश

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लखीमपुर खीरी। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए हुई दो चरणों की प्रक्रिया के बाद भी जिले के 285 पात्र बच्चों को सीट नहीं मिल सकी। जिन स्कूलों में अभिभावकों ने आवेदन किया था, वहां लॉटरी के समय तक सीटें भर चुकी थीं। ऐसे में अब इन अभिभावकों को अपने बच्चों के दाखिले के लिए अगले सत्र तक इंतजार करना होगा।
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बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि आरटीई के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर बच्चों को प्रवेश दिलाया जाता है। जिले में आरटीई पोर्टल पर 848 स्कूल पंजीकृत हैं, जहां हर साल पांच हजार से अधिक सीटों पर प्रवेश की व्यवस्था रहती है।
पहले चरण में 1371 आवेदन प्राप्त हुए थे। जांच में 780 आवेदन पात्र पाए गए, जबकि 591 आवेदन अपात्र घोषित कर दिए गए। लॉटरी के दौरान 544 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए, लेकिन 236 पात्र बच्चों को सीट नहीं मिल सकी, क्योंकि जिन स्कूलों को उन्होंने विकल्प के रूप में चुना था, वहां सीटें भर चुकी थीं।
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दूसरे चरण में 805 आवेदन प्राप्त हुए। बीईओ स्तर पर जांच में 260 आवेदन अपात्र पाए गए और 545 आवेदन स्वीकार किए गए। इसके बाद बीएसए स्तर पर दोबारा सत्यापन हुआ, जिसमें 360 आवेदन पात्र और 185 आवेदन कमियों के कारण अस्वीकार कर दिए गए।
बीएसए ने बताया कि दोनों चरणों के बाद भी कुल 285 ऐसे बच्चे रह गए, जिन्हें पात्र होने के बावजूद सीट नहीं मिल सकी। ऐसे अभिभावक अगले शैक्षिक सत्र में फिर से आवेदन कर सकेंगे।
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